साहित्य के रेगिस्तान में नखलिस्तान सी एक कविता

मेरा निजी आकलन है, यह समय साहित्य सृजन-वाचन-पठन के दृष्टिकोण से सूखे का दौर है। आजकल कौन लिखता है कहानियां और कविताएं ?  तो ऐसे समय में अगर कोई ऐसी कविता पढ़ने को मिल जाए जिसमें न सिर्फ बेहद प्यारे शब्द हों, बल्कि आज की दुनिया में मरती संवेदनाओं के बीच आंखे खोलनेवाली हो तो …

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अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव उन्मेष : देश विदेश के 375 साहित्यकारों के बीच झारखंडी साहित्य पर भी चर्चा

झारखंड के महादेव टोप्पो, असिंता असुर सहित अन्य कवि भी समारोह मे कर रहे हैं शिरकत रांची. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे साहित्य महोत्सव उन्मेष में झारखंड के साहित्कारों ने भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। पहली बार देश के साथ साथ दुनिया के साहित्यकारों के बीच झारखंड कवि, साहित्यकार अपनी रचनाएं …

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