डायन के नाम पर प्रताडित दंपती को 8 महीने बाद भी न्याय नहीं
रांची. डायन बिसाही के नाम पर ललिता (कथरीना) आईंद और उसके पति निकोलस नगडुबार को 8 महीने के बाद भी न्याय नहीं मिला है. वे अपने गांव और घर छोड़कर रांची में रहने को विवश हैं. फिलहाल उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता रतन तिर्की ने पनाह दी है. पीडित दंपती, रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र स्थित बालालौंग …