राजधानी की आबो हवा हो रही खराब, सेंसिटिव लोग हो जाएं अलर्ट

ठंड की वजह से कोहरा छाया हुआ है. विजिबलिटी कम होने की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है. इस बीच राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स पूअर लेवल पर पहुंच गया है. गुरुवार को रांची का एयर क्वालिटी इंडेक्स 147 रिकार्ड किया गया. सेंसिटिव लोगों के लिए यह सेहत के लिहाज ठीक नहीं है. ऐसे में लोगों को मास्क लगाने की जरूरत है. जरूरी न हो तो बाहर निकलने से भी परहेज करने को कहा जा रहा है. जिससे कि वे बीमार करने वाले पॉल्यूटेंट की चपेट में आने से बच सके.

नया टोली में ज्यादा पॉल्यूशन


रांची के चार जगहों पर एयर क्वालिटी की मॉनिटरिंग हो रही है. जिसमें सबसे ज्यादा पॉल्यूशन नयाटोली में है. वहां का एक्यूआई 165 है जबकि पीएम 10-157 रहा है. इसके बाद कोकर चौक का एक्यूआई 151 और पीएम 10- 100 है. धुमसा टोली का एक्यूआई 142 और गांधीनगर कॉलोनी का एक्यूआई 129 है.

लगातार बढ़ रहे मरीज


सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा और हांफने की शिकायत लेकर मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे है. हालांकि इसमें ज्यादातर लोगों को हार्ट, किडनी के अलावा कफ-कोल्ड की भी समस्या है. फिर भी पॉल्यूशन का लेवल देखते हुए लोगों को अलर्ट रहने की सलाह डॉक्टर दे रहे है. रिम्स मेडिसीन डिपार्टमेंट के डॉ बिंदे कुमार की माने तो फिलहाल रांची में वैसी पैनिक स्थिति नहीं है. लेकिन लोग ध्यान रखे और पॉल्यूशन वाले एरिया में बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल कर सकते है. कोई भी लक्षण दिखे तो तत्काल डॉक्टर से दिखाए. खुद से कोई दवा लेना भी ठीक नहीं है.

नगर निगम भी है अलर्ट मोड में


शहर में पॉल्यूशन का लेवल बढ़ रहा है. इसे लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी झारखंड को अलर्ट किया था. इसके बाद से रांची नगर निगम पॉल्यूशन कंट्रोल करने को लेकर रेस है. इसके लिए कई मशीनें भी खरीदी गई है जिससे कि पॉल्यूशन को कंट्रोल किया जा सके. निगम ने एक पोस्टर भी शहर के कुछ इलाकों में लगाया है. जिसमें दिखाया गया है कि पॉल्यूशन के बढ़ते लेवल की वजह से एक बच्चा रो रहा है. वहीं इसमें लिखा गया है थिंक. जिससे साफ है कि अब नहीं चेते तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह हो सकती है.

धनबाद में 48 घंटे में 12 की मौत


झारखंड के धनबाद शहर में इन दिनों एयर क्वालिटी इंडेक्स (एआईक्यू) यानि वायु प्रदूषण खतरनाक लेवल पर है. शहर के एसएनएमएमसीएच (शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) में पिछले दो दिनों के अंदर सांस लेने में तकलीफ वाले 12 लोगों की मौत हो गई. वहीं शहर के दूसरे अस्पतालों में भी इसी तरह की समस्या वाले मरीज इलाज को पहुंच रहे है. जहां से फिलहाल मौत का आंकड़ा नहीं मिला है. वहीं प्राइवेट हॉस्पिटलों की बात करे तो वहां भी अस्थमा, दमा, निमोनिया और पल्मोनरी डिजीज वाले मरीजों की तादाद बढ़ गई है. झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अगले कुछ दिनों तक धनबाद में एआईक्यू ऊपर रहने की आशंका जताई है. इस वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. 5 जनवरी को धनबाद का एक्यूआई 169 रहा.

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