RPF ने जनवरी में तस्करों से बचाया 35 लड़के और 27 लड़कियों को

RANCHI: आरपीएफ ने ऑपरेशन नारकोस और ऑपरेशन AAHT के तहत एक महीने का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया। इस दौरान आरपीएफ ने 88 मामलों का पता लगाया। साथ ही 4.7 करोड़ रुपए का नार्कोटिक्स तत्व (नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रापिक सब्सटांस-एनडीपीएस) बरामद किया। 83 पेडलर्स व 19 ट्रैफिकर्स को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी 2023 में आरपीएफ ने तस्करों के चंगुल से 35 लड़कों और 27 लड़कियों को बचाया। बताते चलें कि आरपीएफ को रेलवे और उससे जुड़े संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रेलवे तस्करों की पहली पसंद


रिपोर्ट में बताया गया है कि रेलवे लंबी दूरी के लिए एनडीपीएस की तस्करी का पसंदीदा साधन रहा है। भारत सरकार ने सहायक के पद के ऊपर के आरपीएफ अधिकारियों को अधिकार दिया है कि वे सर्च अभियान चलाने के साथ ही ट्रैफिकर्स को अरेस्ट करते हुए उन्हें कानून को सौंप सकते है। वहीं सामान की जब्ती करने का भी अधिकार दिया गया है।

अपराधिक इतिहास वालों को काम नहीं


रेलवे ने अपने कई कार्य और सेवाओं को आउटसोर्स एजेंसियों को दिया है। बाहरी लोग रेलवे परिसरों और ट्रेनों में काम कर रहे हैं/संचालन कर रहे हैं। इसे लेकर भी रेलवे को सूचना मिली है कि कुछ आउटसोर्स कर्मचारी ऐसी गतिविधियों में लिप्त हैं जो अवैध हैं। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। आरपीएफ अब मिशन मोड में काम कर रहा है कि रेलवे में पुलिस वेरीफिकेशन के बाद ही आउटसोर्स कर्मियों को काम करने की अनुमति दी जाए। साथ ही उनका कोई आपराधिक इतिहास न हो इसकी भी जांच की जाए।

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