मां-बाप की मौत के बाद रिश्तेदारों ने भी मुंह फेरा, भटक रहे हैं अनाथ बच्चें

मां-बाप की मौत के बाद रिश्तेदारों ने भी मुंह फेरा, भटक रहे हैं अनाथ बच्चें

छूट गई है पढ़ाई, खाने के भी लाले पड़े

रांची।

 रामगढ़ जिला स्थित दुलमी प्रखंड का ईचातु ग्राम निवासी रिया कुमारी (13 वर्ष) और देवकुमार मुंडा (8 वर्ष) अनाथ बच्चे हैं। ये दोनों अपने रिश्तेदारों के घर शरण लेने के लिए भटक रहे हैं। कभी नाना-नानी के घर रहते हैं तो कभी मौसी के यहां। कहीं भी उन्हें स्थायी रूप से शरण नहीं मिल पा रहा है। कहीं भी उनकी उचित देखभाल नही हो रही है और ना ठीक से भोजन मिल रहा है।

ना कपड़े और ना ही स्कूल ही जा पा रहे हैं। रिया कुमारी ईचातु के स्कूल में कक्षा छह में पढ़ रही थी। जबकि उसका छोटा भाई देव कुमार मुंडा कक्षा दो में पढ़ता था। पिता की दो तीन साल पहले मौत हो गई थी। मां भी नहीं रही। मां बाप को खोने के बाद उनकी पढाई पूरी तरह से छूट गई है। दोनों पढ़ना चाहते हैं पर उन्हे कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा। किसके पास जाये और मदद मांगे।

ईचातु गांव की ही कुमकुम कुमारी के पिता की भी मौत हो चुकी है। उसकी मां मजदूरी कर किसी तरह दो जून की रोटी जुगाड़ कर पाती है। कुमकुम कुमारी सातवीं कक्षा में पढ़ती है। पर उसकी भी पढाई छूट चुकी है।

जगतु मुंडा नामक समाजसेवी इन बच्चों के मामले को सामने लेकर आये हैं। उन्होंने कहा कि अभी इनकी मदद कोई नहीं कर रहा है। ना रिश्तेदार और ना ही कोई और। अगर सरकारी मदद मिल जाये तो इन बच्चों की फिर से पढाई शुरू हो सकती है। वे इसके लिए प्रयासरत हैं। जगतु ने बताया कि उनके क्षेत्र में इस तरह के कई और मामले सामने आये हैं जिसमें माता पिता की मौत के बाद बच्चे दर दर भटकने को विवश हैं।

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