
रांची।
तकरीबन 9 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सीबीआई कोर्ट ने नेशनल शूटर तारा शाहदेव प्रताड़ना मामले में तीनों दोषियों को सजा सुना दिया है। रंजीत कोहली को आजीवन कारावास की सजा दी गयी है। उस पर पचास हज़ार का जुर्माना लगा है। मुश्ताक अहमद को 15 साल सश्रम कारावास और पचास हजार जुर्माना और रकीबुल की माँ कौशल रानी को दस साल की सजा, पचास हजार का जुर्माना लगाया गया है।
गौरतलब है कि पिछले सुनवाई में कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। मामले में सीबीआई की ओर से 26 गवाह प्रस्तुत किया गया था, वहीं बचाव पक्ष की ओर से 4 गवाह प्रस्तुत किया गया था .
इन तीनों आरोपियों के खिलाफ दो जुलाई 2018 को आरोप गठित किया गया था. सीबीआई ने वर्ष 2015 में केस को अपने हाथों में लिया था. रंजीत कोहली एवं तारा शाहदेव की शादी 7 जुलाई 2014 को हुई थी। लेकिन शादी के कुछ माह बाद उसे धर्म परिवर्तन करने को लेकर प्रताड़ित किया गया। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ दो जुलाई 2018 को आरोप गठित किया था. सीबीआई ने इस केस को वर्ष 2015 में टेक ओवर किया था. रांची के हिंदपीढ़ी थाना में दर्ज प्राथमिकी को सीबीआई ने अपने हाथों में लिया था. सीबीआई की दिल्ली ब्रांच ने इस मामले में कांड संख्या आरसी/ 9S/2015 दर्ज किया था.