जनवरी 2022 से अगस्त 2023 तक 762 नक्सली हुए गिरफ्तार-मुख्यमंत्री

जनवरी 2022 से अगस्त 2023 तक 762 नक्सली हुए गिरफ्तार-मुख्यमंत्री

दिल्ली.

मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित वामपंथ उग्रवाद की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने बैठक को  संबोधित करते हुए कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय हमेशा बना रहेगा और पूरी उम्मीद है कि हम मिलकर उग्रवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई जीतेंगे। मुख्यमंत्री ने  यह भी कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उग्रवादी संगठनों के विरुद्ध  कार्रवाई में अच्छी सफलता पाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उग्रवाद को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार एक बहुआयामी कार्य योजना के तहत कार्य कर रही है । वामपंथी उग्रवादी संगठनों के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अभियान में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के साथ झारखंड जगुआर और एसएटी जैसे विशेष दल का का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। शीर्ष वामपंथी नक्सली नेताओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध संयुक्त रूप  से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में बूढ़ा पहाड़ जैसे दुर्गम  स्थान को नक्सलियों में अपना आश्रय स्थल बना रखा था। लेकिन, केंद्र सरकार के सहयोग से इस क्षेत्र को नक्सलियों से मुक्त कर लिया गया है। 12 अक्टूबर 2022 को जिला प्रशासन के द्वारा यहां ,आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार, कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं, 27 जनवरी 2023 को मैं स्वयं बूढ़ा पहाड़ जाकर वहां के लोगों से बातचीत की। इस दौरान गहन सर्वेक्षण कराकर इस क्षेत्र की 6 पंचायत के विकास के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। इस योजना को लागू करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

 मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना की ओर भी केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया । उन्होंने कहा कि झारखंड में अभी भी लगभग 8 लाख सुयोग्य लाभुक इस योजना के लाभ से वंचित है। परंतु केंद्र सरकार का ग्रामीण विकास मंत्रालय राज्य सरकार के बार-बार अनुरोध के बाद भी कोई सकारात्मक निर्णय इस संबंध में नहीं ले रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआरई योजना से  बीमा मद को हटा लिया गया है। सुरक्षा बलों के मनोबल को बनाए रखने के लिए पूर्व की भांति एसआरई मद में बीमा राशि की प्रतिपूर्ति को जारी रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड के कोडरमा, रामगढ़ और सिमडेगा जिला को एसआरई जिला की सूची से  हटाया गया है ।लेकिन, इन जिलों में  प्रतिनियुक्त केंद्रीय सैनिक बलों के ऊपर किए गए खर्च की प्रतिपूर्ति  एसआरई योजना से करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के एसआरई गाइडलाइन के अनुसार भूतपूर्व सैनिकों/ भूतपूर्व पुलिस कर्मियों को ही एसपीओ के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। सुरक्षा कारणों से भूतपूर्व सैनिकों / भूतपूर्व पुलिस कर्मियों द्वारा एसपीओ नियुक्ति में रुचि नहीं ली जा रही है । ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों को एसपीओ के रूप में नियुक्त करने हेतु अनुमति की आवश्यकता है।

  मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से जनवरी 2022 से अगस्त 2023 तक कुल 762 नक्सलियों को गिरफ्तार किया किया गया है। इनमे  स्पेशल एरिया कमेटी के 3 सदस्य, रिजनल कमेटी के 1 सदस्य, 10 जोनल कमांडर, 16 सब जोनल कमांडर और 25 एरिया कमांडर शामिल हैं। इसके अलावा 20 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं जिनमें स्पेशल एरिया कमेटी का दो, 4 सब जोनल कमांडर और एक एरिया कमांडर शामिल है। इसके अलावा 1160 आईडी और 76 हथियार भी बरामद किए गए हैं । इस अवधि में 37 नक्सलियों में पुलिस के समक्ष समर्पण किया है जिन में स्पेशल एरिया कमेटी का एक, रीजनल कमेटी का तीन, 4 जोनल कमांडर, 9 सब जोनल कमांडर और 10 एरिया कमांडर शामिल है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उनका विश्वास जीतने का प्रयास किया जा रहा है। उग्रवादी संगठनों के विरूद्ध चलाये जा रहे इस बहुआयामी अभियान में झारखण्ड राज्य को अप्रत्याशित सफलता मिली है। नक्सली संगठनों के प्रभाव क्षेत्र में लगातार कमी हो रही है एवं अब उनका दायरा राज्य के कुछेक क्षेत्रों में सिमट कर रह गया है।

  मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में समय-समय पर हेलीकॉप्टर का भी प्रयोग किया जाता है, जिसके खर्च का वहन एसआरइ मद से किया जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित जिलों में कनेक्टविटी  का सुधार करना भी आवश्यक है। इसके लिए  नक्सल प्रभावित चाईबासा जिला में डीएमएफटी की राशि से बड़ी संख्या में सड़क निर्माण की कार्य योजना तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रथम चरण में 816 अधिष्ठापित मोबाईल टावर के 4G अपग्रेडेशन का कार्य बीएसएनएल द्वारा किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार टीसीएस से एक्यूपमेंट प्राप्त नहीं होने के कारण यह कार्य अवरूद्ध है । द्वितीय चरण में 1184 स्थानों के विरूद्ध राज्य सरकार ने 1173 स्थानों पर भूमि उपलब्ध करा दी है। शेष 11 स्थानों पर भी शीघ्र भूमि उपलब्ध करा दी जायेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा केन्द्रीय एजेन्सियों यथा- एनआईए एवं एनसीबी के साथ समन्वय बनाकर नक्सली संगठनों के आय के स्रोत पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रभावी ढंग से कार्रवाई की जा रही है। राज्य पुलिस के द्वारा कुल 28 नक्सली नेताओं की चल-अचल सम्पत्ति को जप्त किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध मादक पदार्थ यथा – अफीम की खेती / तस्करी की रोकथाम हेतु एन०सी०बी० के सहयोग से प्रभावकारी कदम उठाये गये हैं। इस वर्ष लगभग 5,500 एकड़ भूमि से अफीम की खेती नष्ट की गयी है। लेवी के स्रोत यथा – खनन, केन्दू पत्ता, विकास कार्यों पर पैनी नजर रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधि वाले संवेदकों पर भी नजर है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उग्रवादी घटनाओं से संबंधित काण्डों के अनुसंधान एवं अभियोजन को बेहतर बनाने के लिए सभी जिलों में स्पेशल मानिटरिंग सेल का गठन किया गया है। राज्य में 2014   दर्ज कुल 599 उग्रवाद कांडों में से 426 में अनुसंधान का कार्य पूर्ण कर आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि फरार नक्सलियों की गिरफ्तारी हेतु 01 लाख रूपये से लेकर 01 करोड़ रूपये तक की आकर्षक पुरस्कार राशि की घोषणा की गयी है। वर्तमान में 91 फिरार नक्सलियों केविरूद्ध पुरस्कार घोषित है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022 में 90 एवं वर्ष 2023 में अगस्त तक कुल 97 नक्सली हिंसा की घटनाएँ प्रतिवेदित हुई हैं। नक्सलियों के विरूद्ध प्रभावकारी अभियान के कारण वर्ष 2021 से थाना/पिकेट/पोस्ट पर नक्सलियों द्वारा आक्रमण की कोई घटना नहीं हुई है। जमशेदपुर, दुमका देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ एवं साहेबगंज में जनवरी 2022 से अभी तक नक्सल हिंसा की कोई घटना  नहीं हुई है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी सीमावर्ती राज्यों, जैसे- बिहार, छत्तीसगढ़, बंगाल, उड़ीसा, तेलंगाना एवं उत्तर प्रदेश के साथ बेहतर समन्वय बनाकर ससमय आसूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीर्ष नक्सल नेतृत्व एवं उनके परिजनों / समर्थकों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। जमीनी आसूचना संकलन हेतु बड़ी संख्या में स्पेशल पुलिस पदाधिकारियों   की तैनाती क्षेत्रों में की गई है। केन्द्र एवं राज्य के विभिन्न एजेन्सियों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर आसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भा०क०पा० (माओ०) के 05 संगठनों (क्रांतिकारी किसान कमिटी, नारी मुक्ति संघ, झारखण्ड ए-वन ग्रुप झारखण्ड सांस्कृतिक मंच, मजदुर संगठन समिति को प्रतिबंधित किया गया है.

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