
रांची.
अधिवक्ता परिषद्, झारखण्ड के तत्वावधान में 12 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पखवाड़ा के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएसन करमटोली (रांची) में एक दिवसीय प्रांतीय महिला अधिवक्ता सम्मेलन का आयोजन हुआ. इस सम्मेलन में पूरे राज्य से 210 महिला अधिवक्ता शामिल हुई.
इस अवसर पर “नारी सशक्तिकरण में महिला अधिवक्ताओं की भूमिका” विषयक विचार-गोष्ठी का भी आयोजन किया गया. गोष्ठी में झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति एस० चंद्रशेखर मुख्य अतिथि, माननीय न्यायाधीश दीपक रौशन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे.

परिवार में समानता लाने की जरूरत : न्यायमूर्ति एस चंद्रशेखर
इस अवसर पर मुख्य अतिथि झारखण्ड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति एस० चंद्रशेखर ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विचार रखते हुए कहा कि विश्व में महिलाओं का पहला सम्मेलन इस सदी से पूर्व ही हुआ था. उसके बाद से लगातार हो रहे सम्मेलनों में महिला एवं पुरूष दोनों को समान रूप से देखने पर जोर दिया जाता रहा है. उन्होंने कहा कि आज की जरूरत है कि परिवार मे समानता पर विशेष बल दिया जाए और ऐसे सम्मेलनों के द्वारा जागरूकता लाया जाये.
ऐसे कार्यक्रमों से आयेगी जागरुकता : न्यायमूर्ति दीपक रौशन
विशिष्ट अतिथि माननीय न्यायमूर्ति दीपक रौशन ने कहा कि आज के समय में महिला ही महिलाओं पर अत्याचार करने लगी है जिस पर विशेष जागरूकता की आवश्यकता है. इसलिए इस तरह के कार्यक्रम की जितनी प्रशंसा की जाए कम है.
न्याय को समाज की अंतिम महिला तक पहुंचाने की जरूरत : मीरा ताई खडकर
मुख्य वक्ता माननीय न्यायाधीश (अवकाश प्राप्त) एवं अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद् की राष्ट्रीय उपाध्यक्षा मीरा ताई खडकर ने समाज में नारी सशक्तिकरण के लिए महिला अधिवक्ताओ की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि महिला अधिवक्ता अगर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी शक्ति के साथ करे तो समाज के अंतिम नारी तक न्यायिक व्यवस्था सुलभ, सरल एवं सस्ती हो सकती है. महिला अधिवक्ताओं को उस ओर ध्यान देकर न्यायिक व्यवस्था को समाज के अंतिम महिला तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अधिवक्ता परिषद राष्ट्रीय विचारों को संगठित करने का एक माध्यम है. संगठन में नारी का सशक्तिकरण अहम विषय है जिसके तहत नारी न तो कभी तो अबला थी न ही रहेगी के विचारो के साथ हम नारी सशक्तिकरण का काम करते है.
इससे पूर्व , कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् के गायन से किया गया. अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर, भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी. इस अवसर पर श्वेता सिंह, परिषद की प्रदेश मंत्री किरण सुषमा खोया, सारिका भूषण, वंदना सिंह, झारखण्ड उच्च न्यायालय एडवोकेट एसोसिएशन की अध्यक्षा श्रीमती ऋतु कुमार, प्रदेश महिला प्रमुख महामाया राय, नीता कृष्णा, प्रदेश सम्मेलन प्रभारी अशोक कुमार मिश्र, सह प्रदेश सम्मेलन प्रभारी रीतेश कुमार बॉबी विशेष रूप से उपस्थित थे.