
रांची.
केंद्र सरकार से जुड़े कई विभागों के सेवानिवृत कर्मचारी शुक्रवार को नयी दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर धरना देने के लिए जुटे. इनमें केंद्रीय पेंशनर्स, पोस्टल, आयकर, रेलवे, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड, बीएसएनएल, आरएमएस आदि संस्थानों के पेंशनर्स शामिल हुए.
झारखंड से एम जेड ख़ान, के डी राय व्यथित,त्रिवेणी ठाकुर,गौतम विश्वास, त्रिलोकी नाथ साहू,रामचंद्र प्रसाद,साधन कुमार सिन्हा, जय नारायण प्रसाद,रामनरेश पांडेय,जे पी झा,नरेश पासवान, सत्यनारायण वैध,रामचंद्र राम,गिरवर राम,बीरेंद्र राम,ईश्वरी पांडेय संसद मार्च में शामिल हुए. इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश,बंगाल, उड़ीसा,असम,तमिल नाडू,केरल, आंध्र प्रदेश,तेलंगाना,महाराष्ट्र,गुजरात,राजस्थान,हरियाणा के प्रतिनिधि भी शामिल हुए.
इस दौरान के राघवेंद्रन, शिव गोपाल मिश्र, ईएमएस नंबोद्री, उमेश, सांसद कॉमरेड जॉन ने संबोधित किया. और सरकार से मांग की पेंशनर्स वर्ग की मांगों को पूरा किया जाये.
संसद मार्च की मुख्य मांगे
1.नई पेंशन योजना की वापसी
2. 8 वें वेतन आयोग का गठन
3. लॉकडाउन के समय 18महीने का रोका गया बकाया मंहगाई भत्ता/राहत का भुगतान सुनिश्चित करना
4. प्रत्येक रेवन्यू ज़िला में सीजी एच एस वेलनेस केंद्र खोलना
5. पेंशनर्स से संबंधित 110 वीं संसदीय स्टैंडिंग कमेटी की अनुशंसा को लागू करना
6. रेलवे विभाग द्वारा सीनियर सिटीजन को कोविड के पूर्व रेलवे टिकट में दी जा रही राहत को बहाल करना
7. पेंशन के commutation की अवधि को 15 साल से 12 साल करना आदि
8. बी एस एन एल के पेंशनर्स का पेंशन निर्धारण सहित अन्य मांगे.