
रांची.
मणिपुर में बीते दिनों जारी हिंसा के बीच दो युवतियों को निर्वस्त्र कर उनके साथ दुर्वव्हार की घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देश भर में आक्रोश व्याप्त है. जहां सीजेआई ने स्वत: संज्ञान लेकर केंद्र सरकार व मणिपुर की राज्य सरकार पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी घटना पूरी तरह अस्वीकार्य है. हिंसा में महिलाओं को एक टूल के रूप में इस्तेमाल करना मानवाधिकारों और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है. सीजेआई ने कहा कि कार्रवाई के लिए समय दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि आप कार्र्वाई नहीं करेंगे तो फिर हम करेंगे. प्रधानमंत्री ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मेरा दिल पीडा और क्रोध से भरा है.
झारखंड में भी इस घटना को लेकर उबाल है. चाईबासा में गुरूवार की शाम आदिवासी संगठनों ने प्रदर्शन किया था. शुक्रवार को घटना के विरोध में राजधानी रांची में आदिवासी संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. इसमें आदिवासी जनपरिषद, आदिवासी समन्वय समिति के बैनर तले कई और संगठन शामिल होंगे. आदिवासी जनपरिषद के प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि मणिपुर में पिछले दो महीने से आदिवासी महिलाओं के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटनाएं हो रही हैं. घटना का वीडियो वायरल होने से पहले तक केंद्र सरकार मौन रही है. उहोंने कहा कि देश पर शासन करने के लिए लाशों पर राजनीति करना बंद करें. अब तक केंद्र सरकार का चुप रहना एक राजनीतिक षडयंत्र है. आदिवासी जनपरिषद ने मांग की है कि संयुक्त राष्ट्र संघ को इस पर हस्तक्षेप करना चाहिए.