
रांची.
ईस्टर त्योहार राँची के सभी गिरजाघरो में मनाया गया. सभी जगह शनिवार रात को रात्रि जागरण कर धार्मिक अनुष्ठान किया गया. संत मरिया महागिरजाघर अंतर्गत लोयोला मैदान में रात 10: 30 बजे मिस्सा प्रारम्भ हुई. मुख्य अनुष्ठाता राँची महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो थे जिनका सहयोग प्रोविंशियल फादर सेबास्टियन तिर्की तथा पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड खलखो व अन्य पुरोहितों ने किया. सबसे पहले आग की आशीष की प्रार्थना संपन्न कराई गयी. इसके बाद पास्का मोमबत्ती को प्रज्वलित किया गया उसकी ज्योति से उपस्थित लोगों ने भी अपनी मोमबत्ती जलाई. डीकन जुवेल खलखो ने ज्योति गुणगान का गायन किया. ज्योति गुणगान के पश्चात पुराने एवं नये व्यवस्थान से 7 पाठ पढ़े गए. मिस्सा पूजा के मध्यांतर में पवित्र जल की आशीष किया गया और बपतिस्मा की प्रतिज्ञा दोहराया गया तथा सभी उपस्थित भक्तजनों के ऊपर आशीष जल छिड़काव गया.
बिशप फेलिक्स टोप्पो ने अपने प्रवचन में कहा
आज हम बहुत उल्लास के साथ ईस्टर का बड़ा त्यौहार मना रहे हैं. इस त्योहार में हम याद करते हैं कि हमारे प्रभु यीशु जो मर गए थे जिन्हें गाड़ा गया था वे कब्र से जी उठते है और वे मृत्यु पर विजय पाये हैं. प्रभु मसीह को जिसे क्रूस पर टांग दिया गया था वह वास्तव में पराजित नहीं हुए थे बल्कि ईश्वर योजना के अनुसार मनुष्य जाति के पापों की क्षमा के लिए बलिदान था. मनुष्य के पापों के येसु प्रायश्चित का बलि चढ़ाया. लोगों की दृष्टि में यह उनकी पराजय थी लेकिन ईश्वर की दृष्टि में और हमारे प्रभु यीसु ख्रीस्त की दृष्टि में यह बहुत बड़ी विजय थी. उसी विजय का फल था कि हमारे प्रभु येसु ख्रीस्त तीसरे दिन जी उठे. अर्थात वह पुनः जीवन प्राप्त करते हैं. जीवन प्राप्त करने के साथ वे शैतान को पराजित कर देते हैं और दूसरी ओर दूसरी ओर वह मानव जाति को नया जीवन देते हैं.
प्रभु यीशु ने अपने को बलिदान चढ़ाया क्रूस पर और एक नया व्यवस्था में स्थापित किया. उसने शैतान की शक्ति पर विजय प्राप्त की और पुनरुत्थान प्राप्त किया और हम उन्हीं पुनरुत्थान, आध्यात्मिक उन्नति और ईश्वर या नए जीवन का त्योहार मनाते हैं. ईश्वर को अपने जीवन का प्रकाश मानकर यह त्योहार मनाते हैं. पास्का इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे प्रभु यीशु ख्रीस्त पुनरुत्थान प्राप्त करते हैं. वह इस संसार में रहने हैं, वह हमारे साथ रहना चाहते हैं, हमारे साथ यात्रा करना चाहते हैं, हमारे हर गतिविधि में साथ रहना चाहते हैं, हमें प्रोत्साहित करना चाहते हैं, सही मार्ग पर ले जाना चाहते हैं, हमें सलाह देते हैं और इस तरह से हमारे साथ चलते हैं हमारे सुख और दुख में हमारे साथ रहते हैं हमें आगे बढ़ाते हैं. इसलिए हम धर्म विधि करते हैं, आग जलाते हैं और उस आग से हम का पास्का मोमबत्ती को जलाते हैं. उस ज्योति से अन्य मोमबत्ती जलाते हैं. हमारे प्रभु का प्रकाश चारों और फैलाते हैं बड़ा मोमबत्ती हमारे प्रभु येशु ख्रीस्त का प्रतीक है और उसी ज्योतिष से अपने-अपने मोमबत्ती को जलाते हैं. हम प्रभु के साथ एक हो जाते हैं.
पुनरूत्थान का पर्व है ईस्टर : फादर प्रफुल बड़ा
ईस्टर अर्थात पास्का पर्व येसु के पुनरुत्थान का त्यौहार है. यह येसु के जी उठने तथा युगानुयुग का जीवित ईश्वर की घटना है. जिंदा ईश्वर का साक्षर रूप का त्यौहार है. येसु ने दुखभोगा, क्रूस पर मरे, दफनाये गये तीसरे दिन जी उठे. ईसा मसीह गुड फ्राइडे के दिन सूली पर अपनी शहादत दी थी. उनके मृत शव को कब्र में दफनाया गया था. लेकिन तीसरे दिन अर्थात ईस्टर रविवार के भोर को पुनर्जीवित होकर ईसा मसीह मृतकों में से जी उठे. स्वयं येसु ने कहा,योहन 11: 25 पुनरुत्थान और जीवन मैं हूँ. इसी घटना को याद करते हुए ईसाई लोग ईस्टर का त्योहार मानते हैं.