न्यायपालिका पर भरोसा और मजबूत करेगा HC का नया भवन : राष्ट्रपति 

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RANCHI: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को रांची में बने हाईकोर्ट के नए भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने ने कहा कि झारखंड का यह नया भवन न्याय का मंदिर है।हाईकोर्ट का यह नया भवन झारखंड के लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि आज भी हजारों लोगों को न्याय नहीं मिल पाता है। 20 साल तक केस लड़ कर जीतने के बाद भी हार जाते हैं वादी। इस पर सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट को ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों से मेरा पुराना नाता रहा है।

आज के मौके पर भारत के चीफ जस्टिस, झारखंड के चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट के वरीय जस्टिस बैठे हैं। कई मामले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचते है। इनमें सालों बाद न्याय मिलता है। न्याय मिलने के बाद भी वे खुश नहीं होते। जिसके लिए समय, पैसे बर्बद  किया उसके लिए खुशी वास्तविक नहीं होती।लोग मेरे पास पहुंचते हैं कि न्याय मिलने के बाद भी लाभ नहीं मिलता है। जानकारी का अभाव हैं। आप सब जज बैठे हैं। इसका रास्ता निकालना चाहिए। 

CJI ने हिंदी में दिया भाषण

झारखंड अलग राज्य बना तो हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 25 हो गयी। उन्होंने कहा कि नया परिसर पूरी तरह ग्रीन है। यह दूसरे पीएसयू और निजी कंपनियों को भी प्रोत्साहित करेगा। झारखंड के इस हरित भवन को बनाने के लिए जिन्होंने अपना योगदान दिया है, उन्हें सलाम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस हरित भवन में महिलाओं के क्रेस्ट की सुविधा होगी। सही अथवा गलत को सही तरीके से परिभाषित करना ही न्याय है। स्थानीय भाषा में न्याय दिलाने का काम करना चाहते है। उन्होंने कहा कि भारत के चीफ जस्टिस ने हिंदी में अपना संबोधन देकर एक रिकार्ड कायम किया। जब देश के चीफ जस्टिस हिंदी में बात करेंगे, तो दूसरे जज भी इसका अनुसरण करेंगे। झारखंड में कई बोलियां बोली जाती है, यहां की भाषाओं में भी न्याय को परिभाषित करना चाहिए। सभी राज्यों के जेलों में कैदियों की संख्या काफी अधिक है। वहीं महिलाओं को त्वरित न्याय मिले इसका ध्यान रखा जाए।

न्याय को सरल बनाना ही उद्देश्य : मेघवाल 

कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि जब संविधान निर्माताओं ने संविधान बनाया था और राष्ट्र को संविधान सौपा था। उस समय बाबा साहेब ने बहुत शानदार भाषण दिया था। उन्होंने कहा था कि हम सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की स्थापना करने जा रहे हैं। आज हमने आजादी का अमृत महोत्सव मनाया। 2047 में जब आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएंगे तब एक विकसित भारत को देखेंगे। न्याय को और सरल बनाना है। लोगों को न्याय मिले इसके लिए सैकड़ों नवाचार न्याय व्यवस्था में किये जा रहे हैं। वर्चुल हियरिंग शुरू हुई। तकनीक के माध्यम से भी हम न्याय के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।

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