
रांची.
रांची में असामाजिक तत्वों के द्वारा सरना झंडा के साथ छेड़छाड़ को लेकर आदिवासी संगठनों में रोष व्याप्त है. बुधवार को इस मुद्दे को लेकर राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा, राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ एवं केंद्रीय सरना समिति के द्वारा उपायुक्त रांची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रांची को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में सरना झंडा के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है.
आदिवासी संगठनों की ओर से कहा गया कि सरना धर्मावलंबियों के आस्था के प्रतीक “सरना झंडा” के साथ आए दिन छेड़छाड़ की घटना हो रही है. इससे पूरे आदिवासी सरना धर्मावलंबी की धार्मिक भावना आहत हो रही है. सरहुल महापर्व के उपलक्ष्य में सरना झंडा का उपयोग सरना धर्मावलंबियों द्वारा बहुतायत रूप से किया गया था. पर उसके बाद सरना झंड़ा को असामाजिक तत्वों के द्वारा छेड़छाड़ की गयी. इस तरह की घटना क्रमशः लालपुर थाना अंतर्गत करम टोली, नगड़ी थाना अंतर्गत होटवासी आदि जगहों पर किया गया. संगठनों ने कहा है कि इससे पूरा सरना समाज आक्रोशित है. इन घटनाओं का स्थानीय स्तर पर भारी विरोध किया गया किंतु जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जो चिन्तनीय विषय है.
ज्ञापन के माध्यम से पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन से आग्रह किया गया है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए असामाजिक तत्वों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. इसके अलावा यह भी कहा गया कि इस मामले को लेकर पाहन महासंघ द्वारा आहूत बंद का राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा, राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ, केन्द्रीय सरना समिति स्वागत व नैतिक समर्थन करता है.
ज्ञापन देने में रवि तिग्गा, नारायण उरांव, प्रभात तिर्की, एतवा किस्पोट्टा, रेणु तिर्की, चम्पा कुजूर, तानसेन गाड़ी, हीरा मिंज, अर्जुन गाड़ी, चतवा खलखो आदि उपस्थित थे.