झारखंड पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियमावली अवैध है, इसका विरोध होगा : मंच

पी पेसा व जल जंगल जमीन के मुद्दों को लेकर 23 अगस्त को राजभवन के समक्ष महाधरना का आयोजन होगा : लोबिन हेंब्रोम

आदिवासी बुद्धिजीवी मंच

रांची.

 आदिवासी बुद्धिजीवी मंच के तत्वावधान में एसडीसी सभागार में आयोजित कार्यशाला में झारखंड पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार ) नियमावली पर सरकार के द्वारा मांगे गए सुझावों पर चर्चा हुई. एसडीसी सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में मंच की ओर से कहा गया कि संसद द्वारा पारित पी पेसा कानून के रहते उसकी जगह पर राज्य सरकार द्वारा झारखंड पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियमावली को अंगीकृत करने की कोशिश है जो गलत है.

मौके पर विधायक लोबिन हेंब्रोम ने कहा कि झारखंड में आदिवासियों की जो स्थिति है उससे सभी अवगत है. सीएनटी एसपीटी एक्ट के रहते आदिवासियों की जमीनों की अवैध खरीद बिक्री जारी है.  पी पेसा की जगह पेसा कानून के तहत झारखंड में पंचायती व्यवस्था लागू कर यहां की सामाजिक व पारंपरिक स्वशासन की व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है. इससे झारखंड में आदिवासी समाप्त होने की ओर बढ रहे हैं.

विधायक लोबिन हेंब्रोंम ने कहा कि इन मामलों को लेकर 23 अगस्त को राजभवन के समझ महाधरना आयोजित किया गया है. हम लोग सरकार को बाध्य करेंगे कि वह पी पेसा को ही झारखंड में लागू करे.

मौके पर विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि हमें झारखंड के शिडयूल क्षेत्र में झारखंड पंचायती राज अधिनियम नही चाहिए  बल्कि इसकी जगह पर पी पेसा कानून चाहिए.  इसी व्यवस्था के तहत यहां की जनता को लाभ मिलना चाहिए. कार्यशाला को विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने भी संबोधित किया.

कार्यशाला में आदिवासी बुद्धिजीवी मंच के विक्टर माल्तो ने पी पेसा और पेसा के प्रावधानों के बीच के अंतर को स्पष्टत स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि 1996 में संसद ने पी पेसा का कानून पास किया था. पर झारख़ड गठन के बाद राज्य सरकार ने झारखंड पंचायती राज अधिनियम को राज्य विधानमंडल से पास कराकर अंगीकृत किया. इससे पी पेसा के प्रावधानों का उल्लंघन होता है.

उन्होंने कहा कि पी पेसा के तहत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में नगर पंचायत की व्यवस्था अवैध है. इसकी जगह पर यहां आटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल की व्यवस्था होनी चाहिए. प्रभाकर कुजूर ने भी इस पर अपनी बातें रखीं. कार्यशाला में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से लोग उपस्थित हुए.

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