RANCHI ;
तुर्की और सीरिया में विनाशकारी भूकंप से अबतक 1800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. भूकंप की वजह से बड़ी संख्या में मकान और इमारते तबाह हो चुकी है. सैकड़ों लोग अब भी लोग मलबों में फंसे हुए हैं ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

सुबह चार बजे आए पहले झटके के बाद दो तीन बार और भूकंप के झटके महसूस किए गए. बाद में आए भूकंप को भी रिक्टर स्केल पर 6 की तीव्रता वाला आंका गया. पहले झटके की तीव्रता 7.8 के आसपास थी. इस बीच पूरे विश्व से इन दोनों देशों के प्रभावितों के लिए संवेदना आ रही है.
भारत ने की मदद की पेशकश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत तुर्की व सीरिया में आये भूकंप पर भारत की नजर है. उहोंने कहा कि हम मृतकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं. साथ ही हर मुमकिन मदद के लिए तैयार हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी शोक प्रकट किया है. पोप फ्रांसिस ने भी तुर्की व सीरिया के भूकंप प्रभावितों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है.
राहत और बचाव कार्य जारी
इस बीच तुर्की के द्वारा यूरोपियन यूनियन से मांगी गई सहायता के बाद यूरोप से तुर्की के लिए राहत व बचाव टीम भेजे गए हैं. घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है. मलबे में फंसे लोगों की खोज और बचाव के लिए युद्ध स्तर पर टीमें काम कर रही है.
समाचार एजेंसियों के मुताबिक भूकंप का केंद्र नूरदा बताया जा रहा है. जिस स्थान पर ज्यादा तबाही हुई है वह दक्षिण तुर्की में सीरिया से सटा इलाका है. भूकंप इतना ज्यादा शक्तिशाली था कि इसके झटके सीरिया, साइप्रस, लेबनान सहित आसपास के अन्य देशों में भी महसूस किए गए हैं.
इस बीच एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें क्षतिग्रस्त मकान के मलबे में दबी महिला रोते हुए जान बचाने की गुहार लगाती दिख रही है. इस तरह के और भी वीडियो सामने अ रहे हैं.