मांग : मुंडारी संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल हो, चुटिया में पदयात्रा का आयोजन

मुंडारी को सूची में शामिल कराने के लिए चरणबद्ध आंदोलन होगा

Ranchi :

मुंडाओं की प्राचीन राजधानी चुटिया नागपुर की ऐतिहासिक विवेचना के साथ-साथ विश्व एवं भारत की सर्वप्रथम भाषा मुंडारी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर रविवार को पदयात्रा का आयोजन हुआ. पदयात्रा, झारखंड आदिवासी विकास समिति के अध्यक्ष प्रभाकर नाग के नेतृत्व में आयोजित की गई थी. चुटिया के ऐतिहासिक स्वर्णरेखा नदी के किनारे मुंडाओं के गढ़ मुंडागढ़ा से होकर बहू बाजार के एसपीजी मार्ट परिसर तक पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.

मांग : मुंडारी संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल हो, चुटिया में पदयात्रा का आयोजन

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुंडा सभा के अध्यक्ष नवीन मुंडू  ने कहा कि मुंडारी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग निसंदेह समाज को एकजुट करेगी. मुंडा सभा के पीएस सांगा ने कहा कि मुंडारी साहित्य को बढ़ाना जरूरी है एवं निरंतर साहित्य सृजन एवं मैगजीन इत्यादि का प्रकाशन होना चाहिए जिस पर बेहद ध्यान देने की जरूरत है.

 मुंडा सभा के महासचिव बिल्कन डांग ने कहा कि मुंडारी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग निश्चित तौर पर बढ़िया पहल है.

 सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष प्रभाकर नाग ने कहा कि मुंडारी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा एवं उलीहातू से रांची तक पदयात्रा का आयोजन झारखंड आदिवासी विकास समिति द्वारा की जाएगी.

 साथ ही अध्यक्ष प्रभाकर नाग ने कहा कि मुंडा राजाओं के द्वारा चलन में लाए जाने वाले शीशे के सिक्के को समस्तीपुर से लाने का झारखंड आदिवासी विकास समिति प्रयास करेगी.

इस अवसर पर झारखंड आदिवासी विकास समिति के सांस्कृतिक महासचिव सुखराम पाहन के नेतृत्व में खूंटी से आये 35 सदस्य उत्साही एवं निपुण नृत्य दल द्वारा पारंपरिक वेशभूषा पारंपरिक वाद्य यंत्र पारंपरिक तीर धनुष पारंपरिक मुंडारी गीतों के साथ ढोल, नगाड़ा, बांसुरी, झांझ, भेर बजाते हुए पारंपरिक नृत्य करते हुए पदयात्रा में शामिल हुए. इस अवसर पर झारखंड आदिवासी विकास समिति के माध्यम से मुंडा समाज के लिए 15 सूत्री मांग पत्र राज्य एवं केंद्र सरकार के समक्ष रखा गया जो निम्नलिखित है.

 1: मुंडारी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।

2. रांची रेलवे स्टेशन का नामकरण महाराजा मदरा मुंडा के नाम से किया जाए।

3. रांची रेलवे स्टेशन का नामकरण हिंदी इंग्लिश के साथ मुंडारी लिपि में लिखा जाए।

4. रांची रेलवे स्टेशन में ट्रेन के अराइवल डिपार्चर के समय हिंदी अंग्रेजी के साथ मुंडारी में भी उद्घोषणा की जाए।

5. रांची लोहरदगा स्टेशन के प्रवेश द्वार का नामकरण पदम श्री डॉ रामदयाल मुंडा सांस्कृतिक प्रवेश द्वार किया जाए।

6. ऐतिहासिक चुटिया नागपुर के प्रवेश द्वार एवं निकास द्वार को भव्य तरीके से बनाया जाए एवं उसमें मुंडारी लिपि से स्वागत वाक्य लिखा जाए।

7. चुटु मुंडा एवं नागु मुंडा के मसना स्थल को ढूंढा जाए एवं संरक्षित संवर्धित किया जाए।

8. मुंडाओं की प्राचीन राजधानी चुटिया नागपुर के महल के अवशेष को ढूंढा जाए एवं कार्बन डेटिंग पद्धति से खोजबीन कर संरक्षित एवं संवर्धित किया जाए।

9. चुटिया नागपुर मे मुंडा राजाओं द्वारा शीशे का सिक्का का प्रचलन था जिसे ढूंढा जाए एवं संग्रहित किया जाए विशेषकर समस्तीपुर में चुटिया नागपुर के मुंडा राजाओं द्वारा चलन में लाई गई शीशे के सिक्का को ट्राईबल रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए मंगाया जाए।

10. जिस-जिस अभिलेख एवं गजेटियर में एवं विभिन्न यात्रियों द्वारा चुटिया नागपुर का उल्लेख किया हुआ पत्र संस्मरण एवं विभिन्न अभिलेख को संरक्षित एवं संग्रहित किया जाए।

11सिरम टोली चौक में मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की आदमकद प्रतिमा की स्थापना की जाए।

12. महान गोमके एनी होरो मार्ग पर एनी हॉरॊ की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए।

13. पूरे झारखंड में राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में जिन मुंडारी स्थल गांव टोला नदी पहाड़ जलप्रपात सहित विभिन्न स्थलों के नाम जो मुंडारी में रखे गए हैं एवं जिसे अपभ्रंश कर उच्चारित किया जा रहा है उसे अविलंब सुधारा जाए।

14. रांची विश्वविद्यालय का नामकरण पदम श्री डॉ रामदयाल मुंडा के नाम पर किया जाए।

15.  मुंडा दिसुम में मुंडारी खूंटकट्टी जमीन की लूट रोकी जाए।

कार्यक्रम का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष जगन लिंडा ने किया. कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक महासचिव सुखराम पाहन की अगुवाई में पदम श्री रामदयाल मुंडा जी के द्वारा सिखाए गए मुंडारी गीतों को गाया गया एवं सभा का समापन किया गया.

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सांस्कृतिक महासचिव सुखराम पाहन, कार्यकारी अध्यक्ष जगन लिंडा, महानगर अध्यक्ष अमित मुंडा, संगठन प्रभारी बिरसा टोप्पो, संजय हंस, विशाल मुंडा, लक्ष्मण मुंडा, शनिका मुंडा, मुंडा सभा से नवीन मुंडू, बिल्कन डांग, जॉन कंडुलना, पीएस सांगा, सुकरा उरांव , मंगल उरांव गोविंद नायक, बलेश नायक सहित अन्य का योगदान रहा.

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