1 मार्च को हड़ताल पर रहेंगे ‘धरती के भगवान’

RANCHI: डाक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है। आखिर हो भी क्यों ना चूंकि वह मरीजों की जान बचाते हैं। कुछ दिनों से ये भगवान खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं हाल के दिनों में हुए हमले से डर गए है। इन डॉक्टरों ने सरकार से सुरक्षा के साथ आरोपियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। लेकिन सरकार के उदासीन रवैया के कारण डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। झारखंड के सभी डॉक्टर चाहे वे सरकारी हो या प्राइवेट 1 मार्च को हड़ताल पर रहेंगे। आइएमए और झासा की हुई संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया है। गढ़वा में डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना के विरोध में आंदोलन तेज कर दिया गया है। गढ़वा में डॉक्टर पहले से ही ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। इमरजेंसी की सेवाओं को छोड़कर अब पूरे राज्य में आंदोलन की तैयारी है।

पहले की घटना पर सरकार गंभीर नहीं

डॉक्टरों का कहना है कि जामताड़ा, धनबाद, हजारीबाग की घटना के बाद भी सरकार की ओर से आरोपियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। हमारी सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। इस वजह से वे आक्रोशित है। डॉक्टरों के प्रति सरकार का रवैया उदासीन है। इसलिए उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है। आइएम ने हजारीबाग में डॉक्टर के साथ मिसबिहेव की घटना के आरोपी अधिकारी डीडीसी को पद से हटाने की मांग की है। सिविल सर्जन ऑफिस गढ़वा में पिछले दिनों सिविल सर्जन, सदर हॉस्पिटल डीएस और डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर के साथ गाली गलौज के बाद मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। इसके विरोध में 25 फरवरी को गढ़वा में डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दिया था। साथ ही मांग की गई कि अगर 72 घंटे में दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा। इसी के तहत डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान हॉस्पिटलों में केवल इमरजेंसी सर्विस चालू रहेगी। आइएमए और झासा ने राज्यभर के हल्थ वर्करों से भी समर्थन मांगा है ताकि उनका आंदोलन कमजोर न पड़े।


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