
रांची.
संस्कार भारती रांची महानगर ने रांची की प्रसिद्ध गायिका जयती राय चौधरी को उनके आवास पर अपनी टीम के साथ शाल,साड़ी, पुष्पगुच्छ एवं श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया. 70 के दशक में रांची के कई संगीत समारोहों की आकर्षण रही सुरों की मलिका जयती राय चौधरी की आवाज में अब भी वही खनक है. रांची आकाशवाणी से पहली बार डुएट गीत उमेश चंद्र मिश्र के साथ गोपाल दास नीरज के बोल, दूर जाकर न कोई बिसारा करे मन दुबारा तिबारा पुकारा करे को गाकर इतिहास रच दिया था. इसी गीत ने आकाशवाणी रांची में डुएट गीत के प्रस्तुतिकरण की नींव डाली.
इसके अलावा संस्कार भारती रांची द्वारा ज्योतिर्मय नाद ब्रह्म संगीत महाविद्यालय बरियातू में अमरेंद्र प्रसाद यादव संगीत- शिक्षक केन्द्रीय विद्यालय नामकुम, को इस वर्ष का संगीत गुरु सम्मान एक शॉल और एक श्रीफल प्रदान कर किया गया. इन कार्यक्रमों में संस्कार भारती रांची झारखंड के उमेश चंद्र मिश्र, डॉ सुशील कुमार अंकन, राकेश रमन,डॉ आशुतोष प्रसाद,जे पी सिंह,सुशील कुमार मिश्र, सुजाता मजूमदार,अनूप कुमार मजूमदार ,विश्वनाथ सहाय एवं राम प्रसाद पाठक विशेष तौर पर उपस्थित थे. इस अवसर पर संगीत की गोष्ठी भी हुई.