आगमन ख्रीस्त जयंती के लिए आध्यात्मिक यात्रा है: बिशप फेलिक्स

रांची महाधर्मप्रांत के बिशप फेलिक्स टोप्पो ने जन्मपर्व की तैयारी के अवसर पर आगमन धर्मपत्र जारी किया है. मसीही विश्वासियों के नाम जारी धर्मपत्र में उन्होंने कहा कि हम सभी पवित्र आगमन काल में प्रवेश कर रहे हैं. यह चार सप्ताह का समय खीस्त जयंती, प्रभु येसु खीस्त के जन्मोत्सव मनाने के लिए तैयारी करने का समय है.

आगमन ख्रीस्त जयंती के लिए आध्यात्मिक यात्रा है : बिशप फेलिक्स टोप्पो

यह आगमन काल खीस्त जयंती मनाने के लिए हमारी आध्यात्मिक यात्रा है. यह भलाई के कामों के साथ अपने जीवन को नवीनीकरण करने का समय है और नयी आशा के साथ अपने भविष्य की ओर देखने का समय है. हम प्रभु यीशु को अपने जीवन में स्वागत करना चाहते हैं जैसा कि वे हमेशा हमारे द्वार पर दस्तक देते हैं. जैसा कि प्रकाशना ग्रंथ में कहा गया है “देखो मैं द्वार पर खड़ा हो कर दस्तक दे रहा हूँ. अगर कोई मेरी आवाज सुनेगा और द्वार खोलेगा तो मैं उनके पास जाऊँगा, उनके साथ भोजन करूंगा और वह मेरे साथ भोजन करेगा.” (प्रकाशना ग्रंथ: 3:20)

आध्यात्मिक तैयारी है जरूरी

हममें से अधिकतर लोगों के लिए क्रिसमस की तैयारी करने का मतलब होता है: उपहार खरीदना, नये कपड़े सिलाना, दोस्तों के साथ उत्सव मनाना, साज-सिंगार करना और घरों को सजाना. क्रिसमस के लिए बाहरी तैयारी करने में कोई बुराई नहीं हैं लेकिन बिना आध्यात्मिक तैयारी के क्रिसमस के वास्तविक मतलब से हम भटक जाएँगे. आगमन काल की अवधि हमें इस बात पर मनन-चिंतन करने के लिए आमंत्रित करती है कि ईश्वर ने हमें अत्यंत प्यार किया है और अब भी करता है। हम सभी प्रभु के प्यार के प्रति उत्तर देने के लिए आमंत्रित किये गये हैं जो उनके द्वारा कहे गये शब्दों में निहित है “मैं तुम्हे एक नई आज्ञा देता हूँ, कि तुम एक दूसरे को प्यार करो जैसा कि मैंने तुम्हे प्यार किया है।” ( योहन 13:34) अपने पड़ोसियों को प्यार करना ही ईश्वर को प्यार करने का प्रत्यक्ष चिह्न है.

गरीबों असहायों की मदद करें

 जैसा कि संत याकूब हमसे कहते हैं “यदि विश्वास के साथ कर्म नहीं है जो वह अपने आप में निष्प्राण है. ” (याकूब 2:17 ) अंतिम न्याय के समय येसु हमसे कहेंगे, “जब मैं भूखा था तो तुमने मुझे खिलाया, मैं प्यासा था और तुमने मुझे पिलाया, मैं परदेशी था और तुमने मुझे अपने यहाँ ठहराया, मैं नंगा था और तुमने मुझे पहनाया, मैं बीमार था ……” (मत्ती 25:35-40 ). संत पापा फ्रांसिस हमें याद दिलाते रहते हैं कि हम गरीबों, जरूरतमंदों, बेघर और हाशिए के लोगों को याद करें और उनकी मदद करें. हम दूसरों की जरूरतों को ध्यान देकर अपने तरीके से अपनी स्थिति और संसाधनों के द्वारा उनकी मदद करने के लिए बुलाए गए हैं.

पर्व की तैयारी के लिए सुझाव

  • पिछले कुछ सालों से इस राँची महाधर्मप्रांत में हम अपने सामने फलदायक आध्यात्मिक क्रिसमस उत्सव मनाने के लिए कुछ सुझाव रखते आ रहे हैं। इस साल भी हम आप लोगों के सामने आगमन और किस्मस काल के लिए कुछ सुझाव रखते हैं.
  • इस अवधि में हम मेल-मिलाप और पवित्र यूखरिस्तीय संस्कार पर जोर दें, इसे और अधिक भक्तिपूर्वक और बारंबार ग्रहण करें और इस कृपा की अवधि में बड़ी संख्या में एक साथ प्रार्थना करने के लिए एकत्र हो. इस क्रिसमस को हम पारिवारिक और सामुदायिक किसमस बनायें जिसमें हम प्यार के बंधन का नवीनीकरण कर सकें.
  • पर्यावरण संरक्षण और वायु और ध्वनि प्रदूषण रोकथाम के उपायों को मद्दे नजर रखते हुए हम बल पूर्वक आपसे अनुरोध करते हैं कि आप पर्व की अवधि में पटाखों का उपयोग न करें. वरण उस पैसे का प्रयोग हम उपयोगी चीजों के लिए करें.
  • इसके अतिरिक्त, गत वर्ष की भाँति हमारा अनुरोध है, कि प्रत्येक परिवार और धर्मसंघी समुदाय कुछ त्याग करें, विशेषकर इस आगमन की अवधि में, और सेवा कार्य के लिए अपना योगदान दें जिससे हम उन लोगों की सहायता कर सकें जो गरीबी का जीवन जी रहे हैं.
  • हम आप लोगों से अनुरोध करते हैं कि आपलोग अपने पूरे परिवार के सदस्यों के योगदान से एक सुन्दर चरणी बनाए और क्रिसमस तारा लगायें.
  • आर्चबिशप हाउस में भी हम एक चरणी बनायेंगे जो लोगों के दर्शन के लिए 23 दिसंबर से खोला जायेगा.
  • हम हमारे दोस्तों और शुभ चिंतकों से भी अनुरोध करते हैं कि वे गुलदस्ता, मिठाई या केक बिशप हाउस न लाएँ। इसके स्थान पर वे उन पैसो को गरीबों के लिए महाधर्मप्रांतीय कोष या महाधर्मप्रांतीय मिशन कोष में दान कर दें.
  • हम प्रार्थना और आशा करते हैं कि हमारा मन और दिल एक दूसरे के करीब हो। और जैसे हम किसमस में हमारे प्रभु का स्वागत करेंगे, वह हमारे लिए आनंद, खुशी और प्यार लायेंगे.
  • माता मरियम, हमारी रानी और माता हमारे लिए अपने पुत्र येसु ख्रीस्त से प्रार्थना करे कि वह हमें सभी ईश्वरीय वरदानों से भर दें.

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