
झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्साकर्मी संघ एवं एएनएम, जी एन एम संघ के संयुक्त बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के अनुबंध कर्मी फार्मासिस्ट, एक्सरे टेक्नीशियन, एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्नीशियन 16 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। कर्मियों का कहना है कि वर्तमान सरकार ने 3 महीने में अनुबंध कर्मियों के समायोजन का वादा किया था। लेकिन 3 साल बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। अब हमलोग अनशन से पहले घेराव करेंगे। इसके बाद लगभग 8000 अनुबंध कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसे में मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेवार होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार लड़ाई आर-पार की होगी, आश्वासन से काम नहीं चलेगा।
राजभवन के पास देंगे धरना
संघ द्वारा सभी जिले के उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जानकारी दी गई है। संघ ने पारा मेडिकल नियमावली 2018 में आंशिक संशोधन करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सभी पारा मेडिकल कर्मियों को वर्ष 2014 की तरह विभागीय समायोजन की प्रक्रिया अविलंब आरंभ करने की मांग की थी। मांग नहीं पूरा होने पर 16 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और 17 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा। इसके बाद राजभवन के पास धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बावजूद मांग नहीं पूरी होती है तो 24 से आमरण अनशन करने का निर्णय भी लिया गया है।
सदस्यों ने कहा कि विकट परिस्थितियों में भी अनुबंध कर्मी सरकार के द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं को सफल कर रहे है। फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में काम करते हुए वैश्विक महामारी कोरोना पर विजय प्राप्त की है। इसमें अधिकांश संख्या में अनुबंध कर्मी कोरोना पॉजिटिव हुए। अपनी जान पर खेलकर बीमारियों को कंट्रोल करने का भी काम किया है। लेकिन कम मानदेय के कारण सही से अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहे है।
इस आंदोलन में झारखंड अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन, झारखंड राज्य फिजियोथेरपिस्ट एसोसिएशन ने भी इस आंदोलन में समर्थन की सहमति दी है। फिजियोथैरेपिस्ट एसोसिएशन के डॉ अभय पांडे ने कहा कि हेल्थ डिपार्टमेंट से जुड़े कर्मी की मांग जायज है।