मुख्यमंत्री खुद रख रहे मामले पर नजर, पुनर्वास की व्यवस्था हो रही

रांची.
मानव तस्करी का दंश झेलने वालों राज्यों में झारखंड की गिनती प्रमुखता से होती है. हर साल राज्य के विभिन्न जिलों से सैकड़ों किशोर-किशोरियों को दलाल बहला फुसलाकर मानव तस्करों के हाथों बेच देते हैं. पिछले कुछ सालों में सरकार और पुलिस की सक्रियता से मानव तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में पहाड़िया जनजाति की 11 नाबालिग बच्चियों को बेंगलुरू से रेस्क्यू कराया गया है. इन सभी बच्चियों को आज पांच अप्रैल को बेंगलुरु से रांची लाया जायेगा.
ये सभी नाबालिग बच्चियां दोपहर 2. 40 बजे रांची एयरपोर्ट पहुंचेगी. सभी बच्चियां साहिबगंज और पाकुड़ जिले की रहने वाली हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद इस मामले पर नजदीकी नजर रखे हुए हैं. ज्ञात हो कि मानव तस्करों द्वारा यहां के गरीब परिवार के बच्चे बच्चियों को नौकरी का झांसा देकर बड़े शहर में बेचने के कई मामले सामने आ चुके हैं.
इस सिलसिले में बच्चे बच्चियों को रेस्क्यू और मानव तस्करों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा गठित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट लगातार कार्रवाई कर रही है और इसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ रेस्क्यू कराए गए बच्चे बच्चियों के पुनर्वास की भी व्यवस्था सरकार के स्तर पर की जा रही है.