भाजपा प्रायोजित है कुड़मियों का रेल रोको आंदोलन : आदिवासी संगठन
रांची: कुड़मियों का आदिवासी होने का दावा विरोधाभासपूर्ण और नायाजायज है. न तो ऐतिहासिक, न सामाजिक, न पारंपरिक, न सांस्कृतिक और वैचारिक तौर पर किसी भी मूल आदिवासियों से उनकी समानताएं नहीं है. कुरमी / कुड़मी जाति आदिवासी नहीं है. इसके बावजूद उनकी आदिवासी (एसटी) बनने की मांग न सिर्फ गलत है बल्कि अपनी नाजायज …