कौन था मोर्गन इंग्लैंड का हीरो या एक दुर्दांत पायरेट्स?
कप्तान मोर्गन के डूबे जहाज सैटीस्फैक्शन की आज भी है तलाश जारी जिसमें लदा था करोडों का सोना

झारखंडनामा डेस्क
अफ्रीका , हिंद महामहासागर व कैरेबियन समुद्र तटों के पास अभी भी यदा-कदा समुद्री लुटेरों (जलदस्यु), या पायरेट्स की खबरें आती रहती हैं. पर एक समय ऐसा था जब समुद्र पर इन जलदस्युओं का राज था. उस दौर में बड़े बड़े साम्राज्यों के लिए समुद्री जहाजों को इन जलदस्युओं से बचाना एक बड़ी चुनौती थी. इन जलदस्युओं से जुड़ी रोमांचक कहानियां एक अरसे तक बड़े चाव से सुने-सुनाये जाते रहे. ऐसे ही जलदस्युओं में एक था-कैप्टन हेनरी मोर्गन. आज भी लोग इस नाम से परिचित हैं खासकर पीनेवाले लोग क्योंकि कैप्टेन मोर्गन के नाम से ही रम की एक ब्रांड की बिक्री होती है.
कप्तान हेनरी मोर्गन ने 17 वीं सदी में पनामा में हमला किया था. वह उपनिवेशवाद का दौर था और पनामा सहित द्क्षिण अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा स्पेन का उपनिवेश था. पनामा सिटी को स्पेन ने ही बसाया था आज यह शहर अपनी विशिष्ट भौगौलिक स्थिति की वजह से संसार के एक प्रमुख व्यापारिक शहर के रूप में जाना जाता है. दरअसल, संसार के दो प्रमुख महासागर, अटलांटिक और प्रशांत (पैसीफिक) को इस शहर के बीच बनाये गये पनामा नहर से जोड़ा गया है. इसकी वजह से यह संसार का एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग के रूप में जाना जाता है. जहाजों के ईंधन, समय और खर्च में भी काफी कमी आई है.
तो हम बात कर रहे हैं कप्तान मोर्गन की। उसका पूरा नाम सर हेनरी मोर्गन था. उसका जन्म 24 जनवरी 1635 में हुआ था और मौत 25 अगस्त 1688 को हुई थी. वह इंग्लैंड के वेल्स का रहनेवाला था. था तो वह जलदस्यु ही, पर वह तात्कालीन रॉयल नेवी के लिए काम करता था. ऐसे लोगों को प्राइवेटियर कहा जाता था. मोर्गन बाद में जमैका का गर्वनर भी बना.

मोर्गन ने 1671 में पनामा सिटी पर हमला किया था. पनामा की सुरक्षा के लिए वहां के तटीय इलाके में स्पेन के बनाये फोर्ट सैन लोरेंजो को उसने बर्बाद कर दिया. इसके बाद उसने पनामा को घेर लिया और वहां के गर्वनर से पैसा उगाही की. उसने धमकी दी कि अगर उसे पैसा नहीं मिला तो वह शहर को जलाकर राख कर देगा.
शहर को बचाने के लिए पनामा के तात्कालीन गर्वनर ने मोर्गन को उसकी मुंहमांगी राशि दी. अपने पांच जहाजों के साथ मोर्गन पनामा से वापस लौटने लगा. पर लौटते समय पनामा के समुद्री इलाके में रीफ से टकराकर उसके पांचों जहाज डूब गये. इन जहाजों में मोर्गन का फेमस जहाज द सैटीस्फैक्शन भी था. शहर से बेहिसाब पैसों की उगाही के बाद भी वह शहरवासियों की बद्दुआओं की वजह से उस खजाने को अपने पास नहीं रख सका. हालांकि मोर्गन बचने में कामयाब रहा.
इंग्लैंड में मोर्गन एक हीरों के रूप में जाना जाता था पर स्पेन, दक्षिण अमेरिका सहित उन सभी लोंगों को जिसे उसने लूटा था-एक दुर्दांत पायरेट्स के तौर पर ही जाना गया. आज भी पनामा सिटी की अंब्रा नामक जनजातियों के पास उसके लूट और मारकाट को अपने किस्से कहानियों में याद करती है. पनामा सिटी के तटीय इलाके में रीफ से टकराकर दर्जनों डूबे जहाजों के मलबा पानी की गहराइयों में संरक्षित है. इन्ही में एक द सैटीस्फैक्शन और उसमें मौजूद खजाना भी है.
स्रोत : एक्सपीडिशन अननोन,