साहित्य के रेगिस्तान में नखलिस्तान सी एक कविता

मेरा निजी आकलन है, यह समय साहित्य सृजन-वाचन-पठन के दृष्टिकोण से सूखे का दौर है। आजकल कौन लिखता है कहानियां और कविताएं ?  तो ऐसे समय में अगर कोई ऐसी कविता पढ़ने को मिल जाए जिसमें न सिर्फ बेहद प्यारे शब्द हों, बल्कि आज की दुनिया में मरती संवेदनाओं के बीच आंखे खोलनेवाली हो तो …

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