केवीके में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 14वीं क़िस्त का हुआ हस्तांतरण

केवीके में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 14वीं क़िस्त का हुआ हस्तांतरण

रांची।

दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र रांची में पी एम किसान की 14वीं क़िस्त का हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित हो रही महत्वपूर्ण योजना है जिसमें कृषकों को सालाना ६ हजार रुपये दिए जाते है और ये पैसे 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में कृषकों को खाद, बीज, कीटनाशी आदि खरीद के लिए प्राप्त होते  है।

 इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 14वीं क़िस्त जारी किया गया। साथ ही 1.25 लाख प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्रों का राष्ट्र को समर्पण भी किया गया।  इसके साथ ही सल्फर कोटेड यूरिया का शुभारंभ एवं डिजिटल कामर्स के लिए ओपन नेटवर्क यानी ONDC पर 1600 से अधिक कृषक उत्पादक संघों की ऑनबार्डिंग किया गया। प्रधानमंत्री ने किसानो को संबोधित करते हुए कहा की गाँव के विकास से ही देश का विकास संभव है और केंद्र सरकार गाँव के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने में तत्पर है। इसी क्रम में आज 1.25 लाख किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना कर सरकार ने शहर में मिलने वाले खाद, बीज, कीटनाशी व कृषि यंत्र गाँव स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है जिसके वजह से किसानों को शहर जाकर कृषि आदानो को लाने में जो खर्च एवं समय की खपत होती थी अब नहीं होगी।

प्रसारण कार्यक्रम के साथ-साथ केवीके रांची द्वारा किसान वैज्ञानिक अंतर्मिलन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमे केवीके के वरीय वैज्ञानिक डॉ अजीत कुमार सिंह ने कृषकों को पी.एम. किसान योजना के लाभुक बनने एवं केवाईसी  भरने हेतु प्रेरित किया। सल्फर कोटेड यूरिया के लाभ को भी किसानो के साथ साझा किया। बागवानी विशेषज्ञ डॉ रविन्द्र कुमार ने कृषकों को अपने बारी क्षेत्रों में पोषण वाटिका लगाने हेतु प्रेरित किया एवं गृह विज्ञान की विशेषज्ञ डॉ विशाखा सिंह ने पोषक थाली को दैनिक आहार में शामिल करने के गुर सिखाए। कृषकों द्वारा पूछे गए खरीफ कीट एवं बीमारी के प्रश्नों को डॉ राजेश कुमार, विशेषज्ञ, पादप संरक्षण ने बहुत हीं सरल ढंग से उन्हें बताया। डॉ भरत महतो ने मवेशी के रख रखाव एवं रोग व्याधियों के नियंत्रण पर विशेष रूप से चर्चा किया।

कार्यक्रम में रांची जिले के 120 कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी कृषकों ने दिव्यायन केवीके के सभी इकाईयों का भ्रमण किया एवं कृषि तकनीकियो के जिवंत प्रत्यक्षण को भली भांति देखा।

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