रांची.
अल्पसंख्यकों के संवैधानिक, व्यावहारिक,कल्याणकारी मुद्दें पर झारखंड के सामाजिक-धर्मगुरुओं-शैक्षणिक एवं बुध्दिजीवियों ने अंजुमन मुसाफिरखाना में संवाददाता सम्मेलन में विचार व्यक्त किए.

वक्ताओं ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार के 4 साल होने को है,पर अल्पसंख्यकों के साथ छुआछूत जैसा व्यवहार जारी है. अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों को अभी तक लागू नहीं किया गया है.
अल्पसंख्यक आयोग, वक्फ बोर्ड, वित्त निगम , उर्दू एकेडमी आदि के पद अभी भी रिक्त है इन्हें योग्य व्यक्तियों के साथ भरा जाना चाहिए. हज़ कमेटी को बनाया गया फिर भी झारखंड के इतिहास में पहली बार हाजियों को हज़ पर काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा..
वक्ताओं ने कहा कि झारखंड में हुए मॉब लिंचिंग के पीड़ितों को आज तक इंसाफ़, मुआवजा और नौकरी नही मिली. मॉब लिचिंग विरोधी क़ानून को अब जिम्मेदार और ईमानदार पहल कर लागू कर देना चाहिए.
वक्ताओं ने कहा कि 10 जून 2022 की रांची में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अनगिनत जांच बैठाई गई. एक तो हाई लेवल जांच कमेटी बनी. इन सभी अनगिनत जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए. महागठबंधन की हेमंत सरकार से अपील है कि अल्पसंख्यकों के साथ किए वादें जो आपने चुनावी घोषणा पत्र में भी किया है उसे अब अविलंब लागू करें. मुस्लिम एवं अल्पसंख्यकों के सभी मामलें को अविलंब निष्पादित करें.
संवाददाता सम्मेलन को इनलोगों ने संबोधित किया
झारखंड बार काउंसिल के अधिवक्ता ए.के.रशीदी,जमीतुल उलेमा-ए- हिंद,झारखंड के महासचिव सह रांची के शहर ईदेन मौलाना डॉ असगर मिस्बाही, अंजुमन इस्लामिया रांची के लीगल सेल के संयोजक अधिवक्ता अज़हर खान,शहर काज़ी रांची सह ख़तीब तस्लीम मस्ज़िद मौलाना कारी जान मोहम्मद मुस्ताफ़ी, शहर काज़ी रांची कारी जान मोहम्मद डोरंडा, शिक्षाविद,शायर,लेखक एवं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सरवर साज़िद,शिक्षाविद, शायर एवं झारखंड आंदोलनकारी प्रोफेसर अनवर इरज, अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर कार्यरत आमिया झारखंड के अध्यक्ष एस.अली,अल्पसंख्यकों एवं मानवधिकार पर कार्यरत नदीम खान, उर्दू पर कार्यरत अंजुमन फ़रोग़-ए-उर्दू झारखंड के अध्यक्ष मो इक़बाल,जमीतुल मोमिनीन चौरासी झारखंड के महासचिव मो जुनैद एवं पत्रकार दानिश अयाज़ .