डॉ बीपी केशरी की 90वीं जयंती मनी, पिठोरिया में नागपुरी भाषा-भाषियों का हुआ महाजुटान

डॉ बीपी केशरी की किताबों को किया गया ऑनलाइन, निःशुल्क पढ़ सकेंगे

डॉ बीपी केशरी ने झारखंडी अस्मिता और चेतना जगाया : डॉ त्रिवेणी नाथ साहू

पिठोरिया.

 झारखंड आंदोलन में सांस्कृतिक और भाषाई जागरण के अगुवा डॉ बिसेश्वर प्रसाद केशरी की 90वीं जयंती के मौके पर शिक्षाविद, संस्कृतिकर्मी, रिसर्च स्कॉलर और नागपुरी भाषा-भाषियों का महाजुटान रविवार को पिठोरिया स्थित नागपुरी संस्थान शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र में हुआ. इस मौके पर डॉ बी पी केशरी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ त्रिवेणी नाथ साहू ने कहा कि झारखंडी अस्मिता और चेतना को जगाने में डॉ बी पी केशरी की महती भूमिका है. रामदयाल मुंडा और बी पी केशरी के प्रयास से सन 1980 में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग का गठन हुआ, इसके बाद झारखंड आंदोलन को सांस्कृतिक और बौधिक चेतना प्राप्त हुई.

फिल्मकार मेघनाथ ने कहा कि  डॉ बी पी केशरी राजनैतिक साधू थे. वह जब इस दुनिया से विदा हुए तो उनके पास चारपाई, लोटा और किताबें थीं. वह झारखंड में सांस्कृतिक चेतना को गढ़ा और उसे आगे बढ़ाया. झारखंड आंदोलनकारी और गीतकार पद्मश्री मधु मंसूरी ने कहा कि बीपी केशरी की छवि झारखंड में राममनोहर लोहिया की तरह थी. झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. पद्मश्री मुकुंद नायक ने कहा कि डॉ केशरी ने झारखंड आंदोलन को सांस्कृतिक धार देने का काम किया.

  शिक्षक कन्हाई कुमार ने कहा कि डॉ केशरी खामियां नहीं खूबियों की तलाश करते थे. वह लोगों को प्रोत्साहित करते थे। साहित्यकार डॉ कृष्ण कलाधर ने कहा कि डॉ केशरी का व्यक्तित्व ऐसा था कि लोग स्वतः उनकी ओर खींचे चले जाते थे.

 मौके पर डॉ वीपी केशरी को गीत कविता समीक्षा संग्रह केशरी काव्यांजलि और राकेश रमण की  पुस्तक घाव करे गंभीर का लोकार्पण किया गया. डॉ केशरी के दामाद विजय केशरी ने घोषणा की कि बी पी केशरी की लिखी सभी पुस्तकों को वेबसाइट पर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा. आज वेबसाइट बीपी केसरी के नाम से लांच कर दी गई है और उनकी किताब नागपुरी कवि और उनका काव्य पाठकों के लिए उपलब्ध है. इससे शोधार्थियों और नागपुरी भाषा भाषियों को जानकारी हासिल करने में सहूलियत होगी.

 इस मौके पर साहित्यकार डॉ खालिक अहमद को डॉ विशेश्वर प्रसाद केसरी साहित्य सम्मान और मांदर सम्राट मन पूरन नायक को डॉ विशेश्वर प्रसाद केसरी कला सम्मान से सम्मानित किया गया. साथ ही पढ़ाई में बेहतर करने वाले दर्जन भर छात्र-छात्राओं को बीपी केशरी मेधा सम्मान से भी सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन डॉ हरीश कुमार चौरसिया और धन्यवाद ज्ञापन सविता केसरी के द्वारा किया गया है. कार्यक्रम में प्रदीप महतो, डॉ सीमा केसरी, डॉ सुनीता केसरी,डॉ संजय केसरी, दीपक चौरसिया, शेखर कुमार, सुजीत केसरी, मुकेश रंजन, इग्नेश कुमार, राजेश साहू, डॉ योगेश महतो सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे.

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