
RANCHI: विधनसभा सत्र के 11वें दिन भी सदन में जमकर हंगामा हुआ। सुबह से ही 1932, नियोजन नीति, स्वास्थ्य विभाग को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई और सवाल पूछे गए। इस दौरान कई बार विधायक आमने सामने भी हुए। पूर्व मंत्री सरयू राय ने विधानसभा के स्पीकर रवींद्रनाथ महतो को एक आवेदन दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि मेरे प्रश्न और पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में लिखित और मौखिक गलतबयानी की है। इसे लेकर गुरुवार को सदन की कार्यवाही की दूसरी पाली में मैंने भवदीय का ध्यान आकृष्ट किया और निवेदन किया कि जिन कागजातों के आधार पर माननीय मंत्री सदन में वक्तव्य दे रहे हैं, उन्हें सदन पटल पर रखने का निर्देश उन्हें दिया जाए। इस संदर्भ में मैंने विधानसभा के नियमों का भी उल्लेख किया है। लेकिन स्पीकर महोदय ने संज्ञान नहीं लिया।
ये भी दी जानकारी
आज समाचार पत्रों में माननीय मंत्री का सदन में दिए गए वक्तव्य का प्रासंगिक अंश प्रमुखता से प्रकाशित हुआ है। इसलिये निवेदन कर रहा हूं कि स्वास्थ्य मंत्री को निर्देशित किया जाय कि वो सदन के समक्ष दिये गये अपने वक्तव्य से संबंधित दस्तावेज सदन पटल पर रखें और गलतबयानी के लिए सदन से माफी मांगे। या फिर उनके विरूद्ध सदन की अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए।
सरयू ने लगाए ये आरोप
सरयू राय ने कहा कि अपने कार्यकाल में मंत्री बन्ना गुप्ता ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर थोक के भाव से स्थानांतरण, पदस्थापन और प्रतिनियुक्तियां की हैं जो नियमसंगत नहीं है। ऐसा उन्होंने सीएम के अनुमोदन के बगैर किया है और बड़ी संख्या में किया है। अपने लिखित उत्तर में उन्होंने सदन को बताया कि ऐसे सभी मामलों में मुख्यमंत्री का अनुमोदन लिया गया है। मैंने उनके जवाब को सदन में चुनौती दी, उसे असत्य बताया और कहा कि सीएम या मुख्य सचिव की तरफ से मांगे जाने पर भी स्वास्थ्य विभाग संचिकाएं नहीं भेजता है। वास्तव में स्वास्थ्य मंत्री की सदन के समक्ष गलतबयानी के लिए उनपर सदन की अवमानना की कार्रवाई होनी चाहिए और मंत्रिपरिषद के सामुहिक दायित्व का पालन नहीं करने के लिए, कार्यपालिका नियमावली के प्रावधानों का बार-बार उल्लंघन करने के लिए साथ ही मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के यहां से मांगे जाने पर भी संचिका नहीं भेजने के लिये मुख्यमंत्री को चाहिए कि स्वास्थ्य मंत्री को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करें।
सीएम ने साध रखी थी चुप्पी
सरयू राय ने मंत्री बन्ना गुप्ता पर आरोप लगाने के बाद सीएम पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सदन में सारा वाक्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने हुआ, लेकिन सदन में इस मामले पर वाद-विवाद के समय माननीय मुख्यमंत्री वहां मौजूद होने के बावजूद पूरा समय चुप्पी साधे रहे। इसके बाद स्पीकर ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री संबंधित संचिका माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे और माननीय मुख्यमंत्री इसपर निर्णय लेंगे। अब मामला मुख्यमंत्री के पाले में है।