
RANCHI: झारखण्ड साहेबगंज के सुदूर इलाके के रहने वाले रायला सोरेन ने का अंगदान कर के गोवा में 2 लोगों को जीवनदान दिया है। पांच महीने से गोवा में टैक्सी चालक के तौर पर कार्यरत 40 वर्षीय रायला सोरेन को गिरने के बाद सिर में गंभीर चोट लगी थी। जिसके बाद उसे गोवा मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी में इलाज के लिए भर्ती किया गया। गोवा मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी, इंटेसिव केयर और आंतरिक चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञों के पैनल द्वारा रायला को रविवार 4 फरवरी को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। SOTTO गोवा द्वारा SOTTO झारखंड से संपर्क कर बरहेट में रहने वाले रायला के परिवार को गंभीर स्थिति के बारे में सूचित किया गया। गौरतलब है कि गांव में रहने वाले रायला के परिवार की बोलचाल की भाषा संथाली है, जिसकी वजह से उन्हें सूचना देने में परेशानी हो रही थी। SOTTO झारखण्ड द्वारा अनुवादक की मदद से उसके परिवार को सूचित किया गया। SOTTO गोवा, SOTTO झारखण्ड व अन्य स्थानीय समूहों के समन्वय से, परिवार के सदस्यों के लिए गोवा जाने की व्यवस्था की गई।
भाई की सहमति के बाद किडनी ट्रांसप्लांट
SOTTO गोवा की टीम ने रेलवे स्टेशन से परिवार वालों को लेकर GMC तक पहुंचाया। SOTTO गोवा की टीम ने रिश्तेदारों को परामर्श दिया और जीवन रक्षक कार्यक्रम का हिस्सा बनने के विकल्प के रूप में अंगदान के विषय में सलाह दी। अंग दान के लिए रायला के भाई ने सहमति दी। जिसके बाद अंग विफलता से पीड़ित 2 रोगियों को नया जीवन मिला है। चिकित्सीय कारणों की वजह से रायला की दोनों किडनी प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त थी। सोट्टो गोवा के “नवे जीवित -न्यू लाइफ” के चिकित्सा मानदंडों के आधार पर प्रतीक्षा सूची में प्राथमिकता रैंकिंग के अनुसार दोनों किडनी आवंटित की गयी। इसमें गोवा मेडिकल कॉलेज में अंग प्रत्यारोपण के इंतज़ार में दो रोगियों में प्रत्यारोपित किया गया। इनमें एक 26 और 36 वर्षीय मरीज़ हैं। रायला अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चे हैं – एक बेटी (15 वर्ष) और 2 बेटे (12 और 10 वर्ष) छोड़ गए हैं। रायला के परिवार के प्रति कृतज्ञता दिखाते हए गोवा मेडिकल कॉलेज के डीन ने अंगदाता के पार्थिव शरीर को उनके परिवार के सदस्यों के साथ गोवा से झारखंड में उनके गांव तक ले जाने की पूरी व्यवस्था की।