भाजपा-आरएसएस आदिवासी विरोधी, पर हितैषी तो झामुमो-कांग्रेस भी नहीं : लक्ष्मीनारायण मुंडा

भाजपा-आरएसएस आदिवासी विरोधी, पर हितैषी तो झामुमो-कांग्रेस भी नहीं : लक्ष्मीनारायण मुंडा

रांची।

आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा है कि भाजपा-आरएसएस आदिवासियों का सबसे बड़ा विरोधी ताकतें हैं। भाजपा आदिवासियों के अस्तित्व,पहचान, वजूद, इतिहास और आदिवासी इलाकों के जंगल,जमीन, सभी तरह के प्राकृतिक संसाधन की लूट- दोहन, उनके संवैधानिक हक-अधिकारों को खत्म करना चाहती है। वहीं आदिवासी समुदाय को ठगने के लिए आदिवासी चेहरे को प्रतीकात्मक तौर पर रखती है और अपने एजेण्डा को उन्ही आदिवासी चेहरे को आगे करके लागू करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा – आरएसएस से जुड़े सभी आदिवासी चेहरे महज मोहरे भर है तथा आदिवासियों को दिखाने के लिए होते हैं। गौरतलब है कि आदिवासी समुदाय का एक बड़ा वर्ग इसको बखूबी समझ रहा है।

लक्ष्मीनारायण मुंडा ने कहा कि दूसरी ओर झारखंड में एक नैरेटिव सेट किया जा रहा है कि झामुमो और कांग्रेस गठबंधन की सरकार आदिवासियों की हितैषी है। केन्द्र की भाजपा सरकार की षडयंत्र से ईडी के द्वारा हेमंत सोरेन को शिकंजा कसने, उनकी सरकार को अपदस्थ किये जाने और उनको जेल भेजे जाने के बाद ऐसा  माहौल बनाया जा रहा है कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन  की हेमंत सोरेन की सरकार ने आदिवासी- मूलवासी समुदाय के लिए बहुत काम किया है। इसलिए आदिवासी- मूलवासी जनता हेमंत सोरेन के साथ है। यह मान लेना बहुत बड़ी भूल है। आदिवासी- मूलवासी जनता भाजपाई-आरएसएस षडयंत्र के खिलाफ है। किसी के खिलाफ होना और साथ होना दोनो में बहुत ही फर्क है।  ये भी जानना उचित होगा कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की हेमंत सोरेन सरकार भी झारखंडी जनता के लिए कुछ खास विशेष काम नही किया है, यहां तक चुनाव प्रचार के दौरान किये गये वादों और अपनी पार्टी की घोषणा पत्र में उल्लेखित बिंदुओं पर भी  काम नही हुआ है। हेमंत सोरेन सरकार के सारी योजनाएं महज़ दस्तावेजी पुलिंदा और आम झारखंडी जनता को भ्रमित करने का रहा है। राज्य में निचली स्तर की भ्रष्टाचार चरम पर है, ब्लाक, अंचल, थाना-पुलिस सारा सरकारी तंत्र भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी से आकंठ डूबा हुआ हुआ है।  झारखंड का सामान्य नागरिक आज मामूली सा काम कराने में परेशान है और अंचल, ब्लाक, थाना अनुमंडल, जिला मुख्यालयों में चक्कर लगा रहा है। जबकि दूसरी ओर कोयला,बालू,चिप्स-पत्थर आदि  की लूट जग जाहिर है। पूरे राज्य में भ्रष्ट राजनीतिज्ञ – अफसरशाही – माफिया – दलाल – बिचौलिया गठजोड़ हावी है। आज जब हेमंत सोरेन सरकार जा चुकी है और उसी गठबंधन की चंपाई सोरेन की सरकार बनी है तो इन सात – आठ महीने की सरकार को आम जनता के लिए आदिवासी – मूलवासी जन समुदाय के हितों में काम करके दिखाना होगा। सिर्फ आदिवासी कार्ड/ झारखंडी/ कार्ड खेलकर थोथी चुनावी बयानबाजी करने से नही चलेगा।

इस बात माननीय मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और झामुमो गठबंधन को जितना जल्दी समझ लें उतना बेहतर होगा।

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