डॉक्टरों से मारपीट का विरोध, गढ़वा में अनिश्चितकालीन हड़ताल

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RANCHI: सिविल सर्जन ऑफिस गढ़वा में डॉक्टरों के साथ हेल्थ वर्करों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी। विरोध में काला बिल्ला भी लगाया और दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए सरकार को अल्टीमेटम भी दे डाला है। साथ ही मांग की गई कि अगर 72 घंटे में दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा और मेडिकल कॉलेज से लेकर प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टर और हेल्थ वर्कर हड़ताल करेंगे। जिसके लिए सरकार जिम्मेवार होगी। बताते चलें कि पिछले दिनों सिविल सर्जन ऑफिस में सिविल सर्जन, सदर हॉस्पिटल डीएस और डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर के साथ गाली गलौज के बाद मारपीट की घटना विरोध में 25 फरवरी को गढ़वा में डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दिया। वहीं झासा पलामू के सदस्यों के सुझाव के बाद पेन डाउन स्ट्राइक किया गया। जिसमे सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने भी एक घंटे की अवधि में नॉन इमरजेंसी कार्यों का बहिष्कार किया। वहीं सभी ने काला बिल्ला लगा कर अपना विरोध दर्ज कराया।

क्या थी घटना


सिविल सर्जन ऑफिस गढ़वा में पिछले दिनों शांति देवी, कंचन कुमार साहू, तनवीर आलम, नितेश सिंह और उनके द्वारा बुलाए गए कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन, सदर हॉस्पिटल डीएस और डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर के साथ गाली गलौज की और मारपीट की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद उन्हें बंधक बना लिया गया। इस दौरान डीएस किसी तरह वहां से भागने में सफल हुए। जब डीएस प्राथमिकी दर्ज कराने जा रहे थे तो उन्हें मना किया गया। उनसे कहा गया कि केस दर्ज कराने की स्थिति में जान से मारने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं अज्ञात को बुलाकर जबरन सीसीटीवी फुटेज को भी डिलीट करा दिया गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) और झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (झासा) झारखंड यूनिट ने पूरी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही कहा कि इस घटना की जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है। राजभरों में रोष है और सभी आंदोलन के लिए तैयार हैं। झासा ने संयुक्त रूप से इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही दोषियों को अविलंब गिरफ्तार करते हुए उन पर कानून सम्मत कार्रवाई करने की भी मांग की है। जिससे कि इस तरह की घटना दोबारा ना हो।

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