खराब जीवनशैली से बढ़ रहे हैं दिल के मरीज : बन्ना गुप्ता

 

जैसे जैसे लोग सुविधा संपन्न हो रहे हैं, वैसे शारीरिक कार्य क्षमता घट रही है। इस कारण लोग ह्रदय रोग की चपेट में आ रहे है। यह बहुत चिंता की बात है। कम उम्र के बच्चे भी दिल की बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। यहां तक कि नवजात बच्चों के ह्रदय में भी समस्या आ रही है। यह बातें रिम्स के ट्रॉमा सेंटर स्थित सभागार में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कही। राज्य स्तरीय निःशुल्क ह्रदय जांच शिविर के उद्घाटन समारोह में वे बोल रहे थे।

मील का पत्थर साबित होगा करार 

तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन झारखंड सरकार और प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा राजकोट एवं अहमदाबाद में संचालित श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल के साथ झारखंड के मरीजों के मरीजों के लिए करार एक मील का पत्थर साबित होगा। दोनों के सहयोग और समन्वय से राज्य के ज्यादा से ज्यादा लाभुकों को ह्रदय रोग की रोकथाम और उपचार में लाभ मिलेगा। अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह के कार्यों की प्रशंसा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का दायित्व इन्हें ऐसे विपरीत परिस्थिति में दिया गया जब पूरी दुनिया कोविड जैसी महामारी से जूझ रही थी। इनके अभिनव प्रयोग और सूझबूझ से कोविड महामारी में राज्य के लोगों की रक्षा हो सकी। 

कोविड के बाद बढ़े है मरीज 

पोस्ट कोविड ह्रदय रोग के मरीज बढ़े हैं। ज्यादा वर्क आउट करने वाले लोग भी दिल के दौरा का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में राज्य की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि हम पोस्ट कोविड के मद्देनजर भी राज्यवासियों की रक्षा कर सकें। मौके पर अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी मनोज भिमानी, रिम्स के डायरेक्टर विवेक कश्यप, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक आलोक त्रिवेदी, अपर अभियान निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज, निदेशक प्रमुख डॉ कृष्ण कुमार, उपनिदेशक डॉ आरएन शर्मा, आईईसी सेल के प्रभारी डॉ प्रदीप कुमार सिंह, रांची सिविल सर्जन, रांची डीआरसीएचओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। 

2 हजार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का संचालन 

अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में ह्रदय चिकित्सा योजना प्रारंभ की गई है। इसी कड़ी में राज्यभर के ह्दय रोग से ग्रसित मरीजों को रिम्स में बुलाकर स्क्रीनिंग की जा रही है। अब शिविरों की श्रृंखला आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए 2000 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का संचालन किया जा रहा है। 2000 और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू कराने का प्रस्ताव है, ताकि लोग बीमार न के बराबर हो। वहीं रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ विवेक कश्यप ने कहा कि सरकार का बड़ा प्रयास है कि ह्रदय रोग से ग्रसित मरीजों का इतने बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग कर उनका निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है। जबकि प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी मनोज भिमानी ने कहा कि हमारी संस्था का प्रयास है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर काम करें।

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