RANCHI :
राष्ट्रीय आदिवासी समाज सरना धर्म रक्षा अभियान के अनुषंगी संगठनों की विशेष बैठक डॉ करमा उरांव की अध्यक्षता में मोराबादी में हुई. बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. इसमें कहा गया कि दूसरे समाज और संस्कृति से जुड़े सामाजिक संगठन और व्यक्ति आरएसएस के मार्गदर्शन में राजनैतिक लाभ के लिए सरना धर्म, सरना समाज और संस्कृति के मूल तत्व के विरोध में उल जुलूल बयान दे रहे हैं. उन्हें यह सलाह दी जा रही है की सरना धर्म की संप्रभुता के संबंध में कोई छेड़छाड़ ना करें.

17 फरवरी 2023 को बंगाल विधानसभा ने सरना धर्म कोड की मांग संबंधी प्रस्ताव पारित किया और केंद्र सरकार को अनुसूचित करने का निर्णय लिया. बैठक में कहा गया कि यह निर्णय समस्त सरना धर्मावलंबियों के लिए बेहद खुशी की बात है और इसके लिए बंगाल सरकार को आभार प्रकट किया गया.
यह भी निर्णय लिया गया कि 26 फरवरी 2023 को राष्ट्रीय आदिवासी समाज सरना धर्म रक्षा अभियान के तत्वावधान में देशावली सरना स्थल हरमू में वृहद बैठक 12 मार्च 2023 को आहूत सरना धर्म महारैली की तैयारी को लेकर होगी. जिसमें राज्य तथा अगल-बगल के राज्यों से प्रतिनिधि शामिल होंगे.
सरहुल महापर्व की छुट्टी 23 अप्रैल 2023 को सरकार के द्वारा घोषित है जबकि सरहुल महापर्व 24 मार्च 2023 को है. उक्त मसले पर अपेक्षित सुधार की आवश्यकता है. यह भी मांग की गई है 25 मार्च को फुलखोंसी है अतः 24 और 25 मार्च को 2 दिन छुट्टी सरकार घोषित करे.
साथ ही 24 मार्च को इंटर एवं मैट्रिक की परीक्षाएं अधिसूचित हैं जबकि 24 मार्च को सरहुल है. अतः राज्य सरकार को सुझाव दिया गया कि 24 मार्च की परीक्षाएं बाद में ली जाएं.
बैठक में विशेष रुप से नारायण उरांव, अमर उरांव, रवि तिग्गा, शिवा कच्छप, बलकू उरांव, संगम उरांव, रेणु तिर्की, प्यारी उरांव, तानसेन गाड़ी, सुधीर गाड़ी, दीपक तिग्गा, निर्मल पाहन, भुनू तिर्की मुन्ना गाडी आदि उपस्थित थे.