
RANCHI: राज्य में एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 14287 हो गई है। इन संक्रमितों की पहचान करने के साथ ही दवाएं दी जा रही है। नेशनल एड्स कंट्रोल प्रोग्राम के तहत झारखंड स्टेट एड्स कंट्रोल कमिटी की निगरानी में संक्रमितों को दवाएं दी जा रही है। दवां व अन्य इलाज के लिए 13 जिलों 13 एआरटी सेंटर खोलो गए है। जिसके माध्यम से 14053 एचआईवी संक्रमित मरीजों को नियमित रूप से फ्री में दवा व अन्य मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जा रही है। एड्स कंट्रोल सोसायटी ने यह जानकारी दी है। साथ ही बताया कि एचआईवी संक्रमितों को भी मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास जारी है।
700 नए लोग जुड़े
झारखण्ड स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के प्रयास से एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ होने वाले भेद भाव को कम करने के साथ ही उनको मुख्यधारा में जोड़ने हेतु राज्य के सभी 24 जिलों में काम जारी है। एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के द्वारा पीपुल्स लिविंग विद एचआईवी/एड्स नेटवर्क (पिएलएचआईवी) का गठन किया गया है। कमिटी द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में पिएलएचआईवी नेटवर्क में 700 लोगों को जोड़ा गया।
शिकायत करने को लोकपाल
एचआईवी संक्रमितों के साथ भेदभाव रोकने तथा उनके अधिकारों को संरक्षित करने के लिए भारत सरकार द्वारा एचआईवी/एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) एक्ट 2017 बनाया गया है। एक्ट के प्रावधान अंतर्गत झारखण्ड सरकार ने राज्य के पांचों प्रमंडलीय आयुक्त को इस एक्ट के तहत लोकपाल नामित किया है, जहां एचआईवी संक्रमित व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सकते है।
पॉजिटिव स्पीकर कर रहे तैयार
कमिटी द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में पिएलएचआईवी नेटवर्क के 50 प्रतिभागियों को पॉजिटिव स्पीकर का प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें पॉजिटिव स्पीकर के रूप में तैयार करना है जो अपनी स्वेच्छा तथा सहमति से समाज के बीच अपनी पहचान को उजागर करते हुए अपने अनुभवों को साझा करेंगे। साथ ही उनसे भेदभाव को कम करने की अपील करेंगे।
संक्रमितों को योजना का लाभ
राज्य सरकार द्वारा संक्रमितों के लिये कल्याणकारी योजनाओं में राज्य सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 3,800 एचआईवी संक्रमित व्यक्ति प्रति माह 1000 रुपए का लाभ ले रहे है। 9,200 संक्रमित को राशन कार्ड से अनाज दिया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत 5,400 संक्रमितों के पास आयुष्मान कार्ड है।