रांची नगर निगम का जानें क्या हैं फरमान

राजधानी में डेवलपमेंट के नाम अलग-अलग एजेंसियों के काम चल रहे है. कहीं पाइपलाइन तो कहीं अंडरग्राउंड केबलिंग का काम जारी है. इसके अलावा कई एजेंसियां नेटवर्क केबलिंग का भी काम कर रही है. अब काम के दौरान एजेंसियां जगह-जगह पर खुदाई करके छोड़ दे रही है. जिससे कि लोगों को परेशानी हो रही है. इतना ही नहीं लोग इस वजह से चोटिल भी हो रहे है. नगर निगम इसे लेकर सख्त हो गया है. वहीं काम कर रही सभी एजेंसियों के लिए फरमान जारी कर दिया है. जिसके तहत खुदाई करके छोड़ने वाली एजेंसियों पर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. वहीं उनसे फाइन भी वसूला जाएगा.

साइट पर बोर्ड लगाना अनिवार्य


नगर निगम ने एजेंसियों के लिए जारी नोटिस में साफ लिखा है कि शहर में कई तरह के काम चल रहे है. लेकिन किसी भी एजेंसी ने अपना बोर्ड नहीं लगाया है. जिससे कि पता ही नहीं चल पाता कि काम किस एजेंसी का है. ऐसे में सभी एजेंसियों को अपने साइट पर बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है. साथ ही खुदाई करने के बाद उसे रीस्टोर (पहले जैसी स्थिति में) करने का भी आदेश दिया गया है.

निगम में परमिशन चार्ज जरूरी


किसी भी तरह के काम (जैसे पाइपलाइन बिछाने, टेलीफोन लाइन, गैस पाइपलाइन या अन्य कोई भी काम) शुरू करने से पहले नगर निगम को सूचित करने का आदेश दिया गया है. इसके साथ ही अनुमति शुल्क भी एजेंसियों को रांची नगर निगम में जमा कराना होगा. इतना ही नहीं एजेंसियों को यह भी बताना होगा कि काम कितने दिनों के अंदर खत्म कर लिया जाएगा. इसके बाद काम जारी रखने की स्थिति में झारखंड म्यूनिसिपल एक्ट 2011 के तहत एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी. जिसके लिए एजेंसी पूरी तरह से जिम्मेवार होगी.

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