RANCHI :
बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा होटवार, राँची में 18 दिसंबर को जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इसमें जहां बंदियों से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई वहीं, उनके बीच विधिक जागरूकता का भी प्रचार प्रसार किया गया.

शिविर को सम्बोधित करते हुए रांची के जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन ने कहा कि छोटी-छोटी गलतियों के कारण कारावास भुगतना पड़ता है. इसलिए हमें किसी भी कार्य को करने से पहले सोच-विचार कर लेना चाहिए. उन्होंने कारा में बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी.
अपने सम्बोधन में रेलवे न्यायिक दण्डाधिकारी अक्षय शर्मा एवं श्रद्धाभूषण, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी राँची ने भी कानून की जानकारी दी. बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा, होटवार, राँची के अधीक्षक हामिद अख्तर ने बंदियों को उनके अधिकारों एवं दायित्वों के बारे में बताया. उन्होंने शिविर में आये विधि के छात्र-छात्राओं से पूछे गए प्रश्नों का समाधन किया. उन्होंने कहा कि किसी भी बंदी को कोई परेशानी है, तो वे उनसे सम्पर्क कर सकते है. सरकारी अविधक्ता या कारा में कोई परेशानी हो तो उनका शीघ्र निपटारा किया जायेगा.
शिविर के उपरान्त माननीय न्यायालय एवं काराधीक्षक एवं विधि के छात्र छात्राओं के द्वारा कारा का भ्रमण किया गया तथा कारा में निर्मित वस्तुओं की जानकारी ली.
आज के जेल अदालत में छोटे अपराध के कुल 08 (आठ) मामलों को संबंधित माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया. जिसमें कुल 04 (चार) मामलों का निष्पादन कर उन्हें रिहा किया गया. इस अवसर पर कारापाल, 36 न्यायिक प्रशिक्षु सहित बंदीगण उपस्थित थे.