झारखंड में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वैश्विक स्तर की टेक्निक अपना रहा बोर्ड

वन-विनाश को रोकने के लिए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एक के बाद एक कदम उठा रहा हैं। प्रदूषण कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर जो टेक्निक अपनाई जाती है, उन्हीं टेक्निक्स के अनुरूप, यहां भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियामक सुनिश्चित किए गए है। बोर्ड इसके लिए लोगों को जागरूक बनाने के लिए पहल कर रहा है, जिससे कि प्राकृतिक संसाधनों की जीवन में भूमिका को जान सकें। इस क्रम में जेएसपीसीबी ने प्रख्यात विद्वान, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद की उपस्थिति में राजधानी के प्रमुख विद्यालय और विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स के बीच क्विज, निबंध लेखन और एक्सटेम्पोर का आयोजन किया गया था।

युवा पीढ़ी मार्गदर्शन करें


बोर्ड के सदस्य सचिव वाईके दास ने कहा कि हम बात कर रहे हैं लेकिन क्या हमें समाज सुन रहा है? इस चुनौती का सामना करने के लिए हमें प्रयास करना है। हम चाहते है कि हमारी युवा पीढ़ी मार्गदर्शन दे। पैनल में प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद शामिल थे। पलाश कांफ्रेंस हॉल में हुए क्विज काम्पटीशन विनर सेंट जेवियर स्कूल डोरंडा, सेकेंड पोजिशन पर विशप वेस्टकॉट गर्ल्स स्कूल डोरंडा, थर्ड पोजिशन पर ICFAI, उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, St Xaviers के स्कूल के आदित्य चितलांगिया और सफायर के बच्चों ने एक्सटेंपोर कांप्टीशन में बढ़चढ़ कर अपनी भागीदारी निभाई। वहीं बिशप वेस्टकॉट स्कूल ने एसे कांप्टीशन में अपना परचम लहराया।

जज पैनल में ये थे शामिल

निदेशक नन्हें कदम विभा सिंह, झारक्राफ्ट के पूर्व एमडी धीरेन्द्र कुमार, अध्यक्ष आर्यज्ञान प्रचार समिति प्रेम प्रकाश आर्य, सहायक प्रोफेसर आईसीएफआई विश्वविद्यालय डॉ सुब्रत डे, प्रबन्ध निदेशक मंगलम लुब्रिकेट्स, अध्यक्ष केराली स्कूल फिलिप मैथ्यू शामिल थे।

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