ढल गया शाम, पीने दे मुझे ऐ साकी….

ढल गया शाम, पीने दे मुझे ऐ साकी....

झारखंड में मई और जून महीने में 762 करोड़ की मदिरा गटक गए शौकीन

रांची.

महंगाई, मंदी, बेरोजगारी  जैसी बातों को धत्ता बताते हुए एक तबका ऐसा भी है जिसे इन बातों  से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. ये हैं मदिरा के शौकीन. हालात चाहे जैसे भी हों ये अपना शौक जरूर पूरा करते हैं. उनके लिए बस यह कहा जा सकता है- ढल गया शाम, पीने दे मुझे ऐ साकी…बहरहाल ताजा खबर यह है कि राज्य में जून माह में निर्धारित लक्ष्य से अधिक शराब की बिक्री हुई.

बीते जून माह में 376 करोड़ की शराब बिक्री हुई है हालांकि मई की तुलना में यह बिक्री 10 करोड़ रुपये कम हुई है.

  मई माह में  शराब की बिक्री का आंकड़ा 386 करोड़ रुपये था.

गौरतलब है कि राज्य में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए शराब से 2560 करोड़ रुपये राजस्व का निर्धारण किया गया है. जून में लगभग 200 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है.

  राज्य में वर्तमान में 10 जिलों में प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा खुदरा शराब की बिक्री की जा रही है। शेष 14 जिलों में जेएसबीसीएल की देखरेख में खुदरा शराब की बिक्री हो रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन जिलों में खुदरा शराब की बिक्री के लिए प्लेसमेंट एजेंसी का चयन नहीं हुआ है, वहां एजेंसी का चयन किया जायेगा.

 फिलहाल वहां चार माह के लिए जेएसबीसीएल को खुदरा शराब बेचने की जिम्मेदारी दी गयी है. यह अवधि अगस्त में समाप्त होगी. ऐसे में जेएसबीसीएल द्वारा अगस्त के अंत तक शेष 14 जिलों के लिए प्लेसमेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी की जा रही है.

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