दुमका के जीतपुर गांव में पत्थर खदानों की वजह से घरों में पड़ी दरारें

दुमका के जीतपुर गांव में पत्थर खदानों की वजह से घरों में पड़ी दरारें

पत्थर उड़ने से ग्रामीणों की आंखे हुई क्षतिग्रस्त, क्रशर संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग

रांची।

दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड स्थित जीतपुर गांव में पत्थर खनन की वजह से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। पत्थर खनन के लिए क्रशर संचालक के द्वारा किए जा रहे ब्लास्टिंग से न सिर्फ घऱों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो जा रही है। बल्कि ग्रामीणों के भी घायल होने की सूचना की है।

इस संबंध में खान विभाग को पत्र लिखकर ग्रामीणों ने कानूनी कार्र्वाई करने की भी मांग की है।

जानकारी के अनुसार जीतपुर गांव में नियमों को ताक पर रखकर आबादी से सिर्फ 100 फीट की दूरी पर ही पत्थर खनन किया जा रहा है। पत्थर खनन के लिए ब्लास्टिंग करने से गांव के घरों में दरारें पड़ गई हैं। बलास्टिंग के समय ग्रामीणों के बीच दहशत फैल जाती है। वे घऱों मे या सुरक्षित स्थान पर दुबके रहते रहते हैं. दो महीने पहले ब्लास्टिंग की वजह से उदलबनी गांव के निवासी गाइना किस्कू व विशनपुर गांव के मंगल मडैया नामक दो व्यक्तियों की आंख क्षतिग्रस्त हो गई है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र दामिन ई कोह के विशेष संरक्षित क्षेत्र में पड़ता है साथ ही यह वन भूमि के काफी नजदीक है। जहां खनन के लिए परमिशन भी जांच का विषय है।

क्रशर संचालक के समक्ष ग्रामीणों ने विरोध जताया पर उसने पीडित व्यक्तियों का न तो ईलाज कराया और न ही कोई मुआवजा ही दिया। बताया जाता है कि क्रशर संचालक अमित भगत नाम का दबंग व्यक्ति है जिसे स्थानीय नेता का संरक्षण प्राप्त है। 

दुमका के सामाजिक कार्यकर्ता मदन राय एवं झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोरचा के प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने खान विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराकर क्रशर संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।   

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