अदालत का काम केवल न्याय नहीं, कल्याण करना भी : न्यायायुक्त

पोक्सो, किशोर न्याय अधिनियम और बच्चों के पुनर्वास को लेकर मल्टी स्टेक कंसलटेशन का जिला स्तरीय कार्यशाला

Ranchi :

जिला विधिक सेवा प्राधिकार व पुलिस प्रशासन रांची के संयुक्त तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर रांची में पोक्सो, किशोर न्याय अधिनियम और बच्चों के पुर्नवास से संबंधित योजनाओं को लेकर मल्टी स्टेक होल्डर कंसलटेशन का जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

अदालत का काम केवल न्याय नहीं, कल्याण करना भी : न्यायायुक्त

 कार्यशाला में न्यायायुक्त एके राय ने पोक्सो पीड़ित बच्चों के पुर्नवास में लीगल प्रोसेस पर जोर देने की आवश्यकता पर बल दिया साथ ही मीडिया को भी अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की बात कही. उन्होंने कहा कि न्यायालय का कार्य न केवल न्याय करना है बल्कि लोगों का कल्याण भी करना है. उन्होंने पोक्सो के मामलों में चिकित्सक व पुलिस पदाधिकारियों के भूमिका पर अहम चर्चा की.

बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराध गंभीर मामला

उपायुक्त राहुल सिन्हा ने कहा कि पोक्सो के अन्तर्गत बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराध एक बहुत ही गंभीर अपराध है. जिसकी सजा काफी गंभीर है तथा इस बाबत पुलिस विभाग भी व्यापक प्रचार-प्रसार कर रही है. उन्होंने पीड़ित बच्चों के काउंसिलिंग और पुनर्वास पर जोर दिया.

 60 दिन में होना चाहिए आरोप गठन

वरीय पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर ने कहा कि वर्ष 2012 में पोक्सो एक्ट लागू किया गया. जिसमें पहली बार सेमिनार हुआ है यह बहुत जरूरी था. उन्होंने कहा कि पोक्सो के तहत आरोप पत्र 60 दिन में गठित होना चाहिए. लेट से करने से अभियुक्त को लाभ मिल जाता है.

कार्यशाला में लैंगिक अपराधों के जांच के दौरान पुलिस तथा डॉक्टर की भूमिका, पीड़ित प्रतिकार बच्चों के लिए उपयुक्त तथा हितैषी कानूनी प्रकिया, पीड़ित बच्चों के पुनर्वास के लिए विभिन्न प्रकार की सरकारी कल्याणकारी योजनाएं जैसे शिशु वात्सल्य, सहयोग, आत्मनिर्भरता जैसे योजनाएं मनोरोग चिकित्सकों का मदद, अधिनियम के प्रावधान तथा राष्ट्रीय विषय में विस्तृत चर्चा हुई.

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायायुक्त श्री ए.के. राय, उपायुक्त, राहुल सिन्हा, वरीय पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर, विशेष जज, पोक्सो, मो. आरिफ इकबाल, निदेशक रिनपास, प्रतिनिधि रिम्स व सदर, डीसीपीओ, वेद प्रकाश, एसीजेएम, के.के मिश्रा, सचिव राकेश रंजन, आई.टी.डी.ए. निदेशक, आर बेड़ा, निबंधक अशोक कुमार, डिपुटी एस.पी. प्रवीण कुमार, जेल अधीक्षक, हामिद अख्तर, पी.पी., ए.पी.पी. डी.एस.डब्ल्यू.ओ. ने किया.

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