विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रशासनिक पदाधिकारियों व दोनों समुदायों के साथ बैठक की
विधायक ने कहा कि जैन व संथाल समुदाय एक दूसरी की आस्था का करेंगे सम्मान, कोई नई व्यवस्था लागू नहीं होगी
RANCHI : गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि पारसनाथ में जैन और संथाल समुदाय के बीच स्वामित्व को लेकर कोई विवाद नहीं है. यह मामला अपनी अपनी आस्था के साथ पूजा करने को लेकर है. उन्होंने कहा कि दोनों ही पक्षों में इस बात पर सहमति बनी है कि यहां पर कोई भी नई व्यवस्था या परंपरा लागू नहीं होगी. विधायक ने उक्त बातें रविवार को मधुबन गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक के बाद कही. बैठक में जैन व संथाल समुदायों के प्रतिनिधियों के अलावा डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी अमित रेशु, अपर समाहर्ता विल्सन भेंगरा उपस्थित थे.

विधायक ने कहा कि वार्ता का फलाफल सकारात्मक रही है. सभी समुदायों ने पूर्व से चली आ रही सह अस्तित्व की भावना यथावत रखने पर जोर दिया. न जैन तीर्थयात्रियों को परेशानी हो और न ही संथाल समुदायों को मरांग बुरु तीर्थस्थल पर जाने में कोई परेशानी हो, इस विचार पर सहमति बनी है.
दोनों समुदाय एक दूसरे की आस्था का करेंगे सम्मान
वार्ता में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि जैन समुदाय के तरफ से किसी भी प्रकार के नए नियम नही लाए जाएंगे. और न ही किसी तरह के प्रतिबंध संथाल समुदाय के तरफ से होगी. पूर्व की भांति दोनों ही समुदाय एक दूसरे के धार्मिक रीति रिवाज व परंपरा का सम्मान करेंगे.
कमेटी स्थानीय स्तर पर ही मामले को सुलझायेगी
विधायक ने कहा कि एसडीओ की अध्यक्षता में एक अनुमंडलीय स्तर की कमिटी बनेगी. SDO, BDO, CO, जैन समुदाय के दोनों सेक्ट (दिगम्बर और श्वेतांबर) के सदस्य, स्थानीय जन प्रतिनिधि, मरांग बुरु के सदस्य इस कमिटी में प्रतिनिधि होंगे. स्थानीय विधायक और सांसद इसमें पदेन सदस्य होंगे. बहुत जल्द इसका प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा और समस्या उत्पन्न होने पर ये कमिटी सबसे पहले उसे सुलझाने का प्रयास करेगी.
विधायक ने कहा कि आनेवाले दिनों में कोई भी मामला आयेगा तो सबसे पहले उस कमेटी के संज्ञान में आयेगा और मुझे उम्मीद है कि कमेटी स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं के समाधान में सक्षम होगी. इसके बाद भी कोई समस्या होगी तो जिला स्तर के पदाधिकारी है जो मामले को देखेंगे.