
डीएवी कपिलदेव में आज मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड का खिताब जीतने वाली डॉ अपराजिता सिन्हा को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्राचार्य श्री एमके सिन्हा ने डॉ अपराजिता सिन्हा को शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया ।इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि डीएवी संस्कार युक्त शिक्षा देने को प्रतिबद्ध है और यह डीएवी के संस्कारों का ही फल है।श्री सिन्हा ने कहा कि डॉ अपराजिता सिन्हा ने प्रश्नों के उत्तर बहुत ही सुन्दर ढंग से दिए । उनके द्वारा मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड का खिताब जीता जाना विद्यालय के लिए गौरव की बात है।
मौके पर डॉ अपराजिता सिन्हा ने कहा कि वे इस विद्यालय के छात्र रही हैं।वह आज बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं क्योंकि जिस मंच पर उन्होंने कभी नृत्य किया था और डिबेट में भाग लिया था आज वहीं उन्हें सम्मानित किया जा रहा है और वह भी उन्हीं शिक्षकों के द्वारा जिन से उन्होंने पढ़ा है। उन्होंने सभा में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का जीवन बड़ा कठिन हो गया है ।प्रतियोगिता हर जगह है इसलिए अपने आप को सकारात्मक बनाये रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कठिन मेहनत से ही सफलता मिल सकती है और सपने सच हो सकते हैं ।मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड ने कहा कि हमें अपने कर्म करते जाना चाहिए फल की चिंता नहीं करनी चाहिए लेकिन प्रयास पूरा होना चाहिए ।अपने आप को कभी भी कम नहीं आंकना चाहिए।
जैसा कि आपको मालूम है कि 4 दिन पूर्व दुबई में आयोजित एक समारोह में डॉ अपराजिता सिन्हा को मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड घोषित किया गया।
मौके पर डॉ अपराजिता सिन्हा के पति डॉ अनिरुद्ध, उनके पिता दीपक सिन्हा तथा विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं तथा वर्ग 9, 10 और 12 के छात्र-छात्राएं मौजूद थे।