हिंदी विद्यापीठ देवघर के प्रमाणपत्र मान्य होंगे, नियुक्ति व प्रमोशन का रास्ता साफ

हिंदी विद्यापीठ देवघर के प्रमाणपत्र मान्य होंगे, नियुक्ति व प्रमोशन का रास्ता साफ

रांची.

देवघर विद्यापीठ से उर्त्तीण अभ्यर्थियों व सरकारी सेवकों को सरकार ने राहत दी है। हाइकोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमँत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने नये सिरे से डिग्री के लिए कट ऑफ डेट तय किया है। राज्य सरकार ने 26 फरवरी 2015 की तिथि से हिंदी विद्यापीठ देवघर दवारा निर्गत उपाधियों को नियुक्ति एवं प्रोन्नति के लिए मान्य कर दिया है। वहीं, 26 फरवरी 2015 के बाद हिंदी विद्यापीठ देवघर द्वारा जारी निर्गत उपाधियों को नियुक्ति एवं प्रोन्नतियों के लिए मान्य अब नहीं रहेंगे। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार राजभाषा विभाग ने 15 जून 2023 की तिथि से ही अधिसूचना जारी कर दिया है। कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो ने सभी विभागों को सरकार के इस फैसले का अनुपालन कराने का निर्देश भी दिया है।

सरकार के इस आदेश से सचिवालय सहित कई स्थानों, सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों व कर्मियों को राहत मिल गयी है जिनकी नियुक्ति इस विद्यापीठ की डिग्री के आधार पर की गयी थी। अब इन डिग्रीधारियों को उच्चतर पदों में प्रमोशन मिलेगा।

26 जून 2014 के पहले जारी उपाधियों की मान्यता पर थी रोक

दरअसल, राज्य सरकार ने 26 फरवरी 2015 को ही एक आदेश जारी किया था जिसमें हिंदी विद्यापीठ देवघर द्वारा दिए जानेवाली उपाधियों जिसमें प्रवेशिका, साहित्यभूषण एवं साहित्यालंकार की क्रमश: मैट्रिक, आइए एवं बी.ए के समकक्ष की स्थायी मान्यता को दिनांक 26.06.2014 के प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि हिंदी विद्यापीठ, देवघर द्वारा प्रदत उक्त विषयक किसी भी डिग्री, प्रमाण पत्र को अबसे किसी भी नियुक्ति, प्रोन्नति के लिए मानय नरहीं किया जायेगा। इसी क्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि 26 जून 2014 के बाद किसी भी सरकारी नियुकित अथवा प्रोन्नति के लिए हिंदी विद्यापीठ देवघर द्वारा दिए गये शैक्षणिक प्रमाण पत्र की मान्यता नहीं है, चाहे उक्त प्रमाण पत्र दिनांक 26 जून 2014 के बाद ही क्यों नहीं निर्गत किए गये हैं। सरकार का यह माना था कि इस पीठ द्वार जारी की गयी डिग्री फर्जी है।

मामला हाइकोर्ट में गया

पूरे मामले पर झारखंड हाइकोर्अ में हिंदी विद्यापीठ देवघर द्वारा जारी उपाधियों यथ प्रवेशिका, साहित्य•भूषण, एवं साहित्यालांकार की मैट्रिक, इंटर,बीए की डिग्री को मान्यता देने के लिए विजय कुमान बनाम झारखंड सरकार में वाद हुआ। हाइकोर्ट ने सुनवाई के बाद इस पर फैसला दिया और नया कटआॅफ डेट तय किया गया। कोर्ट के निर्देश के बाद महाधिवक्ता झारखंड से इस पर राय ली गयी। महाधिवक्ता ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने को कहा। इसी के बाद कार्मिक विभाग ने अब आदेश जारी किया है।

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