
रांची.
झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा, मध्य प्रदेश, ओडिशा से भी आदिवासी प्रतिनिधि शामिल हुए. आदिवासियों के हक अधिकार, भाषा संस्कृति, कुड़मी,कुरमी के आदिवासी बनने की कोशिश के खिलाफ आवाज बुलंद किया गया. 25 सूत्री मांगपत्र भी जारी.
आदिवासी समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित आदिवासी बचाओ महारैली का आयोजन मोरहाबादी मैदान रांची में हुआ. इस महारैली में राज्य के कई जिलों से संथाल, मुंडा, भूमिज, हो,बेदिया लोहरा,करमाली आदि आदिवासी समुदाय से लोगों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की.
इसके अलावा ओडिशा और मध्यप्रदेश से भी आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित हुए. इस दौरान आदिवासी समुदाय के हक अधिकार, भाषा संस्कृति की रक्षा, कुरमी (कुड़मी) समुदाय के द्वारा आदिवासी बनने की कोशिश सहित अन्य मुद्दों को उठाया गया. इस अवसर पर 25 सूत्री मांग पत्र का प्रस्ताव पारित किया गया.
इस रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज चौतरफा संकट से गुजर रहा है, इससे समाज के लोगों को गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आदिवासी समुदाय कैसे बचेंगे, इस पर मंथन करना होगा. पूर्व मंत्री देव कुमार धान ने कहा की आदिवासी समुदाय के लोगों को आदिवासी मुद्दे और सवालों को केंद्रित करते हुए व्यापक संघर्ष में उतरना होगा.

लक्ष्मीनारायण मुंडा ने कहा कि आज तमाम राजनीतिक पार्टियां आदिवासियों के राजनीतिक हितों पर कुठाराघात करने वाली ताकतों के हाथों खेल रही है, इसलिए आदिवासी सवालों को दरकिनार किया जा रहा है.
आदिवासी समन्वय समिति के नेता प्रेमशाही मुंडा ने कहा की 21 वर्षों के बाद भी आदिवासी समाज के बुनियादी सवालों का समाधान नहीं हो पाया है. धर्मकोड, पेसा कानून, आदिवासियों की जमीन लूट, स्थानीय नीति, समता जजमेंट,ट्राइबल सबप्लान का डायवर्सन यादी मुद्दे पर सरकार ध्यान नहीं दे रही इसका दूरगामी परिणाम होगा. उन्होंने कहा कि जनता के बीच एक जनआंदोलन तेज करना होगा. केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि आदिवासी समुदाय को सरना कोड सहित आदिवासियों के और मुद्दे पर मुखर होकर संघर्ष करना होगा.
आनंद मुंडा ने कहा कि कुड़मी समुदाय एक ओर आदिवासी बनना चाह रहे हैं और इसके लिए आदिवासियों के ऐतिहासिक नेताओं को भी अपने समुदाय के रूप में स्थापित कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर कुरमी के रूप में ओबीसी आरक्षण का भी लाभ लेना चाह रहे हैं.
. इस अवसर पर पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकू, कोल्हान आदिवासी एकता मंच के यदुनाथ तियू हो युवा महासभा के गब्बर सिंह हेमरोम, सनोत संथाल समाज के अनिल कुमार टुडू हजारीबाग से रमेश कुमार हेंब्रोम चांडिल से सुधीर किस्कू, भूमिज समाज से मानिक सरदार रविंद्र सरदार लोहरा समुदाय से बालमुकुंद लोहरा, कुदंरुसी मुंडा, मानकी मुंडा संघ के गणेश पाट पिंगुआ अध्यक्ष सेलिना लकड़ा बंगाल से पी मार्डी, कार्तिक मुंडा, श्यामल मार्डी मध्यप्रदेश से भुवन सिंह कोराम, उड़ीसा से बापी पंकज सिरका, राजी पड़हा प्रार्थना सभा के राष्ट्रीय धर्म गुरु प्रवीण उरांव, अभय भूत कुंवर,निरंजना हेरेंज,डब्लू मुंडा, जगदीश पाहन , दिनेश मुंडा,सावना मुंडा,सुनील तिग्गा, सुरेन्द्र लिंडा सहित सैकड़ों नेता कार्यकर्ता गण उपस्थित थे.