कारागार के बंदियों को दी गई मानवाधिकारों की जानकारी

RANCHI :

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के बंदियों के कल्याण के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के तहत जेल के बंदियों को मानवाधिकार के संबंध में जानकारी दी गई. इस  अवसर पर डालसा सचिव राकेश रंजन, जेल अधीक्षक हामिद अख्तर सहित अन्य उपस्थित थे.

कारागार के बंदियों को दी गई मानवाधिकारों की जानकारी

इस अवसर पर डालसा सचिव राकेश रंजन ने बंदियों को मानव अधिकार के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि मानवाधिकार वे विशेषाधिकार हैं जो हर व्यक्ति को उसके प्रतिदिन के सामान्य जीवन के हिस्से के रूप में प्रदान किया जाना चाहिए. इन्हे उन मौलिक अधिकारों के रूप में समझा जा सकता है जिसका व्यक्ति पूर्ण रूप से हकदार है. संस्कृति, त्वचा का रंग, धर्म, या अन्य किसी भी चीज के आधार पर किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है. मानव अधिकार सभी मनुष्यों के लिए समान रूप से लागू होते हैं.

एक दूसरे के अधिकारों की रक्षा की जरूरत है

कारा अधीक्षक हामिद अख्तर ने कहा कि मानव अधिकार दिवस जैसे विशेष दिन न सिर्फ व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करते हैं, बल्कि समाज को समान और निष्पक्ष बनाने में भी मदद करते हैं. हमें यह महसूस करना बहुत आवश्यक है कि मनुष्य के रूप में हमें एक-दूसरे के अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता है. अगर हम मानवाधिकारों का सम्मान करते हैं तो हम एक समाज के रूप में विकसित होते हैं.

कार्यक्रम में  डालसा सचिव ने जेल पारा लीगल वॉलिन्टियर को विधिक जागरूकता के तहत विचाराधीन बंदियों को विधिक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया.

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