
शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है : डॉ विनोद कुमार
रांची. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के खोरठा भाषा विभाग के छात्र-छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण कर वापस आज चतरा से वापस रांची लौटे. इस शैक्षणिक भ्रमण का नेतृत्व टीआरएल संकाय के कार्डिनेटर सह खोरठा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार ने की. उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राएं चतरा जिले में अवस्थित इटखोरी, भद्रकाली मंदिर एवं तमासिन फाल का भ्रमण किया और वहां से जुड़ी हुई सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, पौराणिक, धार्मिक और इनसे जुड़ी कई पहलुओं पर जानकारियां इकट्ठा किया.
डॉ विनोद कुमार ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है. इससे छात्र-छात्राओं को अपने और दूसरों के अनुभव सीखने का अच्छा अवसर मिलता है. जब विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण पर जाते हैं तो वे अपनी आंखों से प्रत्यक्ष रूप में देखकर किसी भी विषय वस्तु का वर्णन करने में सक्षम हो जाते हैं. इससे भ्रम और मिथ्या की धारणा भी दूर होती हैं.
इस संबंध में विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ अजय कुमार ने कहा कि छात्रों में शैक्षणिक भ्रमण से छात्रों में व्यवहारिक ज्ञान एवं शैक्षणिक ज्ञान मिलेगा, जिससे छात्र-छात्राएं अपने स्थानीय परंपरा, रीति रिवाज से अवगत हो पायेंगे. उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ ही छात्र-छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण पर भेजना बहुत जरूरी है. शैक्षिक भ्रमण से छात्र छात्राओं के दृष्टिकोण में विस्तार होता है.
इस शैक्षणिक भ्रमण में मुख्य रूप से सहायक प्राध्यापक सुशीला कुमारी, शोध छात्र सुचित कुमार, अशोक पुराण, रूपेश कुमार, कमलेश कुमार महतो, मनोज कुमार गोप, दिनेश्वर मुण्डा,दिनेश कुमार,रजक सागर कुमार, नितेश महतो, विवेक कुमार, उर्मिला कुमारी, रेखा कुमारी, मनोरमा कुमारी सहित 60 सदस्यीय टीम शामिल थे.