हिंदू न मुसलमान न हैं सिख ईसाई हैं ‘परदेसी’ अपने मुल्क में हम भाई भाई हैं…
रांची में अंतरराष्ट्रीय मुशायरा: देश-विदेश से पहुंचे शायर, देर रात तक बिखेरते रहे प्यार सद्भाव के रंग रांची. कभी चुहल, कभी कसक। कभी दीवानगी, तो दर्द की कहानी भी। बात अंतरराष्ट्रीय मुशायरे की है। जिसका आयोजन झारखंड- बिहार की सांस्कृतिक- साहित्यिक संस्था बज्म-ए- कहकशां ने शनिवार शाम आजाद सभागार, अंजुमन प्लाज़ा रांची में किया था। …