बिशप मास्केहंस ने उठाया सवाल- फिर कैसे लगा रहे हैं धर्मांतरण के आरोप ?
RANCHI : ऑग्जिलरी बिशप थियोडोर मास्करेहंस ने क्रिसमस के अवसर पर लोगों को बधाई और शांति का सौहार्द दिया है. वहीं इस दौरान उन्होंने कई सवालों को भी उठाया. ईसाई मिशनरियों पर लग रहे धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश के नौ राज्यों में एंटी कन्वर्सन बिल लागू है पर आज तक एक भी मामले में कन्विक्शन नहीं हुआ है. फिर मिशनरियों पर इस तरह के आरोप क्यों लगाये जाते हैं? धर्मांतरण एक जबरन बनाया हुआ धारणा है ईसाइयों के पीछे पड़ने का.

बंद हो राजनीतिक धर्मांतरण
बिशप ने कहा कि बेहतर होगा कि राजनीतिक धर्मांतरण बंद हो जिसमें एक पार्टी के नेता दूसरी पार्टियों में जाते हैं होटलों में मामले चुपचाप तय किए जाते हैं. जब कोई एक धर्म से दूसरे धर्म में जाता है तो उसे डीसी का सिग्नेचर चाहिए पर जो दल बदलते हैं, सरकार गिराते हैं, उन्हें किसी का सिग्नेचर नहीं चाहिए.
उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों का स्कॉलरशिप बंद कर रही है. इससे गरीब बच्चे बच्चियों की शिक्षा पर असर होगा. इस तरह तो सबका साथ..सबका विकास और सबका विश्वास नहीं हो सकता.
खत्म हो नफरत का यह माहौल
बिशप ने कहा कि अभी देश में कई जगह नफरत का माहौल बनाया जा रहा है. मीडिया भी कभी कभी इसको बढ़ावा देता है. उदाहरण के तौर पर छत्तीसगढ़ में ईसाइयों पर हमले बढ़ रहे हैं. जाति, धर्म के नाम पर नफरत आगे बढ़ रही है. इस तरह से देश आगे नहीं बढ़ सकता.
शांति और सदभाव चाहती है कैथोलिक कलीसिया
बिशप ने कहा कि कैथोलिक कलीसिया शांति और सद्भाव के वातावरण में विश्वास रखती है. हम इस दिशा में काम भी कर रहे हैं समाज में शांति और सद्भाव बना रहे इसके लिए अगले साल (2023 में) सभी धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ हम वार्ता करेंगे.