रांची निवासी अंदलीब अनवर फिलहाल लंदन में रह रहे हैं. झारखंडनामा के अनुरोध पर वे अपने लंदन प्रवास से संबंधित जानकारियां साझा कर रहे हैं. उनसे बातचीत किया है झारखंडनामा संवाददाता प्रवीण ने. यहां चौथी किस्त में पढ़ें रहने के लिए लंदन कितना खर्चीला शहर है.
RANCHI :
दुबई में पिछले डेढ़ दशक से रहता आया हूं. बीच बीच के कुछ अरसे रांची और दिल्ली में रहना हुआ. अब पिछले छह महीने से लंदन में रह रहा हूं. इतने अलग-अलग स्थानों पर रहते रहते कभी ऐसा भी प्रतीत होता है कि जिंदगी यायावर सी हो गई है पर अब ठहराव चाहता हूं. बच्चें अब बड़े हो रहे हैं और उनकी पढ़ाई और भविष्य के लिए यह जरूरी है.

भारत से तकरीबन पांच घंटे पीछे है लंदन की टाइमलाइन
जब लंदन आया था तो पहले कुछ दिन यहां की दिनचर्या में ढलने में लग गए. यहां की टाइमलाइन भारत से तकरीबन पांच घंटे पीछे हैं. शरीर को और दिमाग को इस नयी टाइम लाइन के साथ सामंजस्य बिठाने में कुछ दिन लग ही जाते हैं.
कुछ और समय मुझे यहां की संस्कृति को समझने में लगा. संस्कृति को समझने की यह प्रक्रिया अभी भी बदस्तूर जारी है. बहरहाल यहां मैं कुछ दूसरी बातों पर भी चर्चा करना चाहता हूं. वह यह है कि लंदन में रहना और सरवाईव करना कितना सस्ता या महंगा है.
छह महीने में खाने-पीने की चीजों में हुआ है इजाफा
फिलहाल जो हालात हैं वह यह है कि पिछले कुछ महीने में यहां खाने-पीने की चीजों में तकरीबन 30 से 40 प्रतिशत का इजाफा हो गया है. इसके कई कारण है. एक कारण यूके का ब्रेकजिट (यूरोपियन यूनियन से अलग होना) है. फिर चीन में कोविड की वजह से होने वाले वैश्विक प्रभाव भी है. एक और कारण यूक्रेन वार है. इन तमाम चीजों के मिलेजुले कारकों की वजह से महंगाई बढ़ गई है.
जहां तक खाने-पीने की बात है यहां तकरीबन वे सभी चीजें मिल जाती हैं जो दक्षिण एशियाई देशों में मिलती है. हालांकि वे चीजें जो सिर्फ एशियन लोग ही खाते हैं वे थोड़ी महंगी मिलती है. पर वे चीजें जो पूरे यूके के लिए कॉमन है उनकी कीमतें अपेक्षाकृत कम है.
सिर्फ खाने-पीने की चीजे ही नहीं बल्कि रहना भी महंगा हुआ है. अगर कोई घर ख्ररीदना चाहता है तो उसके लिए बैंक फाइनांस की दरों में काफी इजाफा हुआ है वहीं रेंट पर रहनेवाले लोगों को भी पहले से ज्यादा रेंट देना पड रहा है.
यहां आम तौर पर जॉब करनेवालों की सैलरी कम से कम डेढ़ हजार पाउंड होती है. पर महंगाई टैक्स की वजह से ज्यादातर पैसे खर्च हो जाते हैं. यूरोपियन कल्चर में पुरूष और महिला दोनों ही कामकाजी होते हैं. इसके बिना यहां सरवाईव नहीं किया जा सकता. पर इसके बावजूद ऐसी कई चीजें है जो रहने के लिए यूके को एक आदर्श स्थल बनाती है.