अंदलीब अनवर रांची के रहनेवाले हैं. वे पिछले डेढ़ दशक से दुबई में रह रहे थें. अब वे यूके लंदन शिफ्ट हो गए हैं. झारखंडनामा के लिए वे अपने लंदन के संस्मरणों को भेज रहे हैं. यहां प्रस्तुत है पहली किस्त
आज 12 दिसंबर 2022 (सोमवार) है. दिन के करीब 12:30 बजे हैं. मैं लंदन के अपने घर के बाहर खड़ा हूं. दो दिन पहले यहां बर्फ गिरनी शुरू हो गई थी. घरों, पेड़ों, रास्ते और कार की छतों पर बर्फ की सफेद चादर पसरने गयी है. यह प्रकृति का अदभुत नजारा है. इससे पहले सालों तक दुबई के गर्म और शुष्क माहौल में रहा था. लंदन का मौसम उसके ठीक उलट है. पर दोनों ही जगहों की अपनी खासियत है .

बर्फबारी का नजारा किसी खूबसूरत पेंटिंग की तरह
बर्फ (स्नो) को गिरते देखना भी काफी अदभुत है. मेरे जैसा शख्श जो पहली बार स्नो को फील (अनुभव) कर रहा है . इस अनुभव को किस तरह बयां करूं ? स्नो का गिरना वैसा ही है जैसा किसी रूई के फाहे का धीरे धीरे हवा में तैरते हुए जमीन पर उतरना. इस दौरान रात में भी इतनी रोशनी होती है कि आप बैडमिंटन खेल सकें. यह सारा नजारा एक खूबसूरत पेंटिंग की तरह है.
लंदन का तापमान अभी माइनस तीन से चार डिग्री नीचे है. ठंड है पर बहुत ज्यादा महसूस नहीं होती. जब बर्फ पिघलेगी तो काफी ज्यादा ठंड होती है. बहरहाल अभी मेरे परिवार के सभी लोग बर्फ का लुत्फ ले रहे हैं. बच्चों की बर्फ में खूब मस्ती हो रही है. कतारबद्ध घर, रास्ते, पेड़, कारें और घर के पीछे का गार्डेन बर्फ की सफेद चादर में लिपटे हैं.
वैसे घरों के अंदर काफी आराम है. इसकी वजह यह है कि सभी घरों के अंदर बायलर लगा होता है. यह कमरों को गर्म रखता है. इसका एक पहलू यह भी है कि यह हीटर की तरह आक्सीजन नहीं सोखता सभी कमरे समान रूप से गर्म रहते हैं.
थोड़ी दूर टहलने के बाद अब मैं वापस अपने घर के अंदर जा रहा हूं. कुछ काम बचे हैं उन्हें निपटाना जरूरी है.